होम बंगाल में BJP जीती तो CM कौन? अमित शाह का बड़ा खुलासा, UCC पर भी कर दिया सबसे बड़ा वादा
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी को बहुमत दिलाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah राज्यभर में लगातार प्रचार कर रहे हैं।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी को बहुमत दिलाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah राज्यभर में लगातार प्रचार कर रहे हैं। शुक्रवार (10 अप्रैल 2025) को उन्होंने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अगर बंगाल में बीजेपी की सरकार बनती है, तो छह महीने के भीतर यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर चल रही अटकलों पर भी अमित शाह ने साफ रुख रखा। उन्होंने कहा कि बीजेपी किसी वंशवादी राजनीति में विश्वास नहीं करती और राज्य में पार्टी का मुख्यमंत्री एक बंगाली ही होगा।
उन्होंने कहा, ‘हम कोई वंशवादी दल नहीं हैं, जिसमें बुआ के बाद भतीजा सत्ता संभाले. मैं बंगाल के लोगों को भरोसा दिलाता हूं कि हमारा मुख्यमंत्री एक बंगाली होगा और बंगाल का निवासी होगा.'
अमित शाह ने Mamata Banerjee के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने टीएमसी के उस दावे को भी खारिज किया जिसमें कहा गया था कि बीजेपी लोगों के खान-पान में दखल देगी।
गृह मंत्री ने कहा, ‘यूनिफॉर्म सिविल कोड की सिफारिश बीजेपी की नहीं है. यह संविधान सभा की सिफारिश है.’
बीजेपी ने अपने ‘संकल्प पत्र’ में भी स्पष्ट किया है कि सत्ता में आने के छह महीने के भीतर समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी। अमित शाह ने कहा,
‘तुष्टीकरण की राजनीति के कारण समान नागरिक संहिता इतने लंबे समय तक लागू नहीं हो सकी. जिन-जिन राज्यों में हमारी सरकार बनी है, वहां हमने इसे लागू किया है और बंगाल में भी ऐसा करेंगे.’
उन्होंने आगे कहा,
‘बंगाल में हर नागरिक के लिए एक ही कानून होगा. तुष्टीकरण क्या है? क्या एक व्यक्ति को चार पत्नियां रखने की छूट देना तुष्टीकरण है या सबको देश के कानून का पालन करने के लिए कहना तुष्टीकरण है?’
टीएमसी से जुड़े हुमायूं कबीर के वीडियो को लेकर उठे विवाद पर भी अमित शाह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने किसी भी तरह के समझौते की अटकलों को खारिज करते हुए कहा,
‘हुमायूं कबीर और बीजेपी दो बिल्कुल अलग ध्रुवों पर हैं. ऐसी पार्टी के साथ कोई समझौता करने के बजाय हम विपक्ष में बैठना पसंद करेंगे.’
साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी राजनीतिक विमर्श को प्रभावित करने के लिए इस तरह के वीडियो तैयार करवा सकती हैं।
बंगाल चुनाव से पहले बीजेपी और टीएमसी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि जनता किसके दावों पर भरोसा करती है और किसे सत्ता की चाबी मिलती है।
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