देश में बढ़ती महंगाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने केंद्र सरकार को बड़ी राहत दी है. आरबीआई ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार को 2.87 लाख करोड़ रुपये का लाभांश (डिविडेंड) देने की मंजूरी दे दी है.
प्रधानमंत्री Narendra Modi और इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni की मुलाकात के बाद ‘मेलोडी’ टॉफी सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा में आ गई। लेकिन इस वायरल मोमेंट का असर अब शेयर बाजार तक पहुंच गया है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ऊर्जा सप्लाई को लेकर जारी चिंताओं के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। 20 हजार टन एलपीजी लेकर ‘सिमी’ नाम का विशाल गैस टैंकर सुरक्षित रूप से गुजरात पहुंच गया है।
सोमवार 18 मई को भारतीय मुद्रा ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपना अब तक का सबसे कमजोर स्तर छू लिया। कारोबार के दौरान रुपया गिरकर 96.283 प्रति डॉलर के ऑल-टाइम लो तक पहुंच गया।
वैश्विक तेल बाजार में एक बार फिर उथल-पुथल मच गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बड़े फैसले के बाद आशंका जताई जा रही है कि भारत समेत कई देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें फिर बढ़ सकती हैं।
प्रधानमंत्री Narendra Modi की ईंधन बचाने की अपील के एक दिन बाद केंद्र सरकार ने देशवासियों को बड़ा भरोसा दिया है। सरकार ने साफ कहा है कि भारत में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने हैदराबाद में आयोजित एक रैली के दौरान देशवासियों से ऐसी अपील की, जिसने आर्थिक और राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।