होम Sheikh Hasina पर बांग्लादेश का बड़ा दबाव, भारत से प्रत्यर्पण की मांग तेज, रिश्तों को लेकर रखी ये शर्त
भारत और बांग्लादेश के बीच पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है।
भारत और बांग्लादेश के बीच पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री तारिक रहमान सरकार ने कहा है कि शेख हसीना और अवामी लीग के महासचिव ओबैदुल कादर समेत भारत में रह रहे भगोड़ों और दोषसिद्ध लोगों को सौंपना दोनों देशों के संबंधों को सामान्य बनाने के लिए अहम शर्त है। बांग्लादेश सरकार के सूचना एवं प्रसारण मामलों के सलाहकार जाहेद उर रहमान ने 15 सितंबर को यह बात कही।
ढाका की ओर से पहले भी भारत से शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग की जाती रही है। भारत सरकार ने इस मामले पर स्पष्ट किया है कि बांग्लादेश के अनुरोध की जांच स्थापित कानूनी प्रक्रियाओं के तहत की जा रही है। अगस्त 2026 में विदेश मंत्रालय ने भी कहा था कि प्रत्यर्पण अनुरोध पर तय प्रक्रिया के अनुसार विचार किया जा रहा है।
अगस्त 2024 में बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद छोड़कर देश से बाहर जाना पड़ा था। इसके बाद वह भारत आ गईं। बांग्लादेश में बाद में उनके खिलाफ मानवता के खिलाफ अपराध से जुड़े मामले में मुकदमा चला और उन्हें उनकी गैरमौजूदगी में मौत की सजा सुनाई गई। हसीना ने आरोपों से इनकार किया है।
शेख हसीना ने हाल ही में मीडिया से बातचीत में दिसंबर में बांग्लादेश लौटने की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा था कि वह खुद अपने देश लौटेंगी और प्रत्यर्पण को लेकर अलग रास्ता अपनाने की बात कही थी।
15 सितंबर को जाहेद उर रहमान ने कहा कि शेख हसीना और ओबैदुल कादर समेत भारत में मौजूद भगोड़ों और दोषसिद्ध लोगों को बांग्लादेश को सौंपना दोनों देशों के संबंधों को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। यह बयान ऐसे समय आया है जब नई दिल्ली और ढाका के बीच द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने की कोशिशों के बीच हसीना का मुद्दा लगातार प्रमुख बना हुआ है।
इससे पहले 10 अगस्त को भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी और प्रधानमंत्री तारिक रहमान के बीच हुई बैठक में भी शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठाया गया था। बांग्लादेश ने उस दौरान भारत से प्रत्यर्पण अनुरोध पर तेजी से कार्रवाई करने की मांग की थी।
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की भारत यात्रा को लेकर भी पिछले कुछ समय से चर्चा रही है। अगस्त में ढाका ने कहा था कि यात्रा के लिए दोनों देशों के बीच अनुकूल माहौल जरूरी है और शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण है।
भारत ने तारिक रहमान को BRICS से जुड़े कार्यक्रम में आमंत्रित किया था, लेकिन वह नई दिल्ली नहीं आए। उनकी भारत यात्रा की तारीख को लेकर भी अलग-अलग रिपोर्ट सामने आती रही हैं। फिलहाल शेख हसीना के प्रत्यर्पण का अनुरोध भारत में स्थापित कानूनी प्रक्रिया के तहत विचाराधीन है और नई दिल्ली ने इस पर कोई अंतिम फैसला सार्वजनिक नहीं किया है।
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