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राजनीतिप्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team Apr 9, 2026 09:04 PM

PM मोदी के गढ़ में ओवैसी की सियासी दस्तक, वाराणसी की 3 सीटों पर AIMIM की तैयारी, क्या बदलेगा समीकरण?

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां अभी से तेज हो गई हैं। रैलियों, रणनीतियों और नेताओं के बयानों के बीच अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से बड़ी सियासी खबर सामने आई है।

PM मोदी के गढ़ में ओवैसी की सियासी दस्तक, वाराणसी की 3 सीटों पर AIMIM की तैयारी, क्या बदलेगा समीकरण?

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां अभी से तेज हो गई हैं। रैलियों, रणनीतियों और नेताओं के बयानों के बीच अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से बड़ी सियासी खबर सामने आई है। हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने वाराणसी की प्रमुख विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है, जिससे प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है।

वाराणसी की 3 अहम सीटों पर AIMIM की नजर

वाराणसी शहर और ग्रामीण क्षेत्रों को मिलाकर कुल 8 विधानसभा सीटें आती हैं, जिन पर पिछले करीब 10 वर्षों से भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दलों का कब्जा बना हुआ है। इन सीटों में दक्षिणी, उत्तरी और कैंट विधानसभा सीट सबसे ज्यादा चर्चित मानी जाती हैं। AIMIM ने इन्हीं तीन सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर ली है।

पार्टी के जिला उपाध्यक्ष मुख्तार अहमद अंसारी ने कहा कि प्रदेश नेतृत्व की ओर से इन सीटों पर चुनाव लड़ने की अनुमति मिल चुकी है और संगठन पूरी ताकत के साथ तैयारी में जुटा है। उन्होंने दावा किया कि इन क्षेत्रों में पार्टी को अच्छा जनसमर्थन मिलने की संभावना है और AIMIM बिना किसी समझौते के चुनाव मैदान में उतरेगी।

मुस्लिम वोट बैंक पर नजर, बदल सकते हैं चुनावी समीकरण

मुख्तार अहमद अंसारी के अनुसार इन विधानसभा क्षेत्रों में मुस्लिम मतदाताओं का प्रभाव काफी मजबूत है और वोटों का छोटा प्रतिशत भी चुनाव परिणाम बदलने में अहम भूमिका निभा सकता है। ऐसे में AIMIM की एंट्री को सियासी गलियारों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछले चुनावी आंकड़ों को देखते हुए पार्टी की मौजूदगी समाजवादी पार्टी के वोट बैंक पर असर डाल सकती है, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है।

क्यों चर्चा में रहती हैं दक्षिणी, उत्तरी और कैंट सीटें

वाराणसी की दक्षिणी विधानसभा सीट को सबसे हॉट सीटों में गिना जाता है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में यहां भाजपा उम्मीदवार डॉ. नीलकंठ तिवारी ने बेहद कम अंतर से जीत दर्ज की थी। यह सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। इसी क्षेत्र में दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना और काशी ज्ञानवापी से जुड़े मुद्दे भी लगातार सुर्खियों में रहे हैं।

वहीं कैंट और उत्तरी विधानसभा सीटों में मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटने की खबरें भी सामने आई थीं, खासकर SIR प्रक्रिया के पहले चरण के दौरान। ऐसे में AIMIM के चुनाव मैदान में उतरने के बाद इन सीटों के राजनीतिक समीकरण किस दिशा में जाएंगे, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।

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