होम शाहजहांपुर में बाढ़ का खतरा बढ़ा: दियूनी बैराज से गर्रा में छोड़ा गया 26 हजार क्यूसेक पानी, 72 घंटे में पहुंचने की आशंका
दियूनी बैराज से गर्रा नदी में बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद शाहजहांपुर में बाढ़ के खतरे को लेकर प्रशासन अलर्ट हो गया है।
शाहजहांपुर। दियूनी बैराज से गर्रा नदी में बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद शाहजहांपुर में बाढ़ के खतरे को लेकर प्रशासन अलर्ट हो गया है। सोमवार, 7 सितंबर 2026 को जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने गर्रा और खन्नौत नदियों के बढ़ते जलस्तर तथा संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया।
जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), उपजिलाधिकारी सदर, तहसीलदार सदर, सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग, राजस्व विभाग की टीमें और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी ने बताया कि 7 सितंबर को दियूनी बैराज से गर्रा नदी में लगभग 22 हजार क्यूसेक पानी पास हुआ है। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर करीब 26 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने की भी जानकारी सामने आई है। यह पानी आगामी 72 घंटों में शाहजहांपुर के संबंधित क्षेत्रों तक पहुंचने की संभावना है।
वर्तमान में गर्रा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 1.05 मीटर नीचे है, जबकि खन्नौत नदी करीब 40 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। प्रशासन के अनुसार मंगलवार सुबह से खन्नौत नदी के जलस्तर में कमी आने की संभावना है।
वहीं, रामगंगा नदी खतरे के निशान से 19 सेंटीमीटर ऊपर और गंगा नदी 25 सेंटीमीटर नीचे बह रही है।

जिलाधिकारी ने सबसे पहले गर्रा नदी के जलस्तर और बहाव की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद ककरा पुल, डैम रोड, एनिमल बर्थ सेंटर और हनुमत धाम समेत अन्य संवेदनशील और संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
उन्होंने सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए गए बाढ़ बचाव एवं सुरक्षा कार्यों की स्थिति देखी और अधिकारियों से संभावित प्रभावित क्षेत्रों, जलस्तर तथा बचाव तैयारियों की जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नगरीय, तटीय और डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगों को नदी के बढ़ते जलस्तर के संबंध में समय से जागरूक किया जाए। राजस्व, पुलिस, सिंचाई, नगर निकाय समेत सभी संबंधित विभागों की टीमें पूरी तरह तैयार रहें और किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें।
संवेदनशील क्षेत्रों में जलस्तर की लगातार निगरानी करने और आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित आबादी को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की पूर्व तैयारी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रशासन ने जनपदवासियों से अपील की है कि गर्रा, खन्नौत और अन्य नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पूरी सावधानी बरतें। नदी के बहाव क्षेत्र, किनारों, घाटों और पुलों के निचले हिस्सों में स्नान, पशुओं को नहलाने या घूमने के लिए न जाएं।
प्रशासन ने नागरिकों से भ्रामक खबरों, अफवाहों और अपुष्ट सूचनाओं पर ध्यान न देने तथा उन्हें सोशल मीडिया पर प्रसारित न करने की अपील की है। लोगों से केवल जिला प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने को कहा गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन संभावित जलभराव और बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। संबंधित विभागों को आवश्यक संसाधनों और मानवबल के साथ सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य संभावित बाढ़ की स्थिति में जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करना और प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराना है।
जिला आपदा नियंत्रण कक्ष:
05842-462754
05842-351037
05842-35108
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