होम Lucknow Flood News: गोमती का जलस्तर बढ़ते ही योगी सरकार अलर्ट, 90 नावों से रेस्क्यू और 12 रैन बसेरों में प्रभावितों के रहने का इंतजाम
लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार तेज किया जा रहा है। योगी सरकार के निर्देश पर प्रशासन और नगर निगम की टीमें प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने में जुटी हैं।
लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार तेज किया जा रहा है। योगी सरकार के निर्देश पर प्रशासन और नगर निगम की टीमें प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने में जुटी हैं। बुधवार को नगर आयुक्त गौरव कुमार ने पूरे दिन जलभराव वाले क्षेत्रों में रहकर राहत एवं बचाव व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
नगर आयुक्त ने जोन-6 के सैठा और जोन-3 के लोहरामऊ, फैजुल्लागंज, दाउद नगर तथा मिल्लत नगर समेत कई प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जलभराव की स्थिति, नावों के संचालन, पेयजल, स्वच्छता, फॉगिंग, एंटी लार्वा छिड़काव और अन्य राहत व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
जलभराव से प्रभावित परिवारों के लिए 12 अस्थायी रैन बसेरे तैयार किए गए हैं। इनमें दाउद नगर में 10, जबकि लोहरामऊ और मिल्लत नगर में एक-एक अस्थायी रैन बसेरा शामिल है। जोन-6 में करीब 35 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि 26 लोग फिलहाल रैन बसेरों में रह रहे हैं।
प्रभावित क्षेत्रों में करीब 20 पानी के टैंकर भेजे गए हैं। इसके अलावा 10 हजार लीटर पैकेज्ड पेयजल की भी व्यवस्था की गई है, ताकि जलभराव से प्रभावित लोगों को पीने के पानी की समस्या का सामना न करना पड़े।
पल्टन छावनी, उमराव हाता और इंजीनियरिंग कॉलेज के पीछे 100-100 बेड की क्षमता वाले स्थायी रैन बसेरे भी उपलब्ध हैं। इन रैन बसेरों में बेड, फोल्डिंग, पंखे, कूलर, प्रकाश व्यवस्था और मोबाइल चार्ज करने के लिए 12 चार्जिंग पॉइंट की सुविधा मौजूद है।
प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव के लिए जिला प्रशासन की 90 नावें संचालित की जा रही हैं। नगर निगम की टीमें राहत सामग्री की लोडिंग, अनलोडिंग और वितरण में प्रशासन का सहयोग कर रही हैं।
दाउद नगर में दो शिफ्टों में 25-25 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। वहीं लोहरामऊ और मिल्लत नगर में भी 25-25 कर्मचारी राहत कार्यों में लगाए गए हैं। जोन-6 के सैठा, दौलत खेड़ा, मुन्नू खेड़ा, टांड खेड़ा, सुखलाल खेड़ा, गुलमी खेड़ा और हयातगंज समेत कई इलाकों में नावों और स्टीमर के जरिए लोगों की आवाजाही और राहत सामग्री पहुंचाने का काम जारी है।
लक्ष्मी हॉस्पिटल के पीछे एक नाव को विशेष रूप से राहत सामग्री के वितरण के लिए लगाया गया है। इससे प्रभावित क्षेत्रों तक जरूरी सामान पहुंचाने का काम किया जा रहा है।
जलभराव के बाद संक्रमण और मच्छरजनित बीमारियों के खतरे को देखते हुए स्वच्छता अभियान भी तेज कर दिया गया है। यादव चौराहे से मामा कॉलोनी तक करीब 250 सफाईकर्मी लगातार काम कर रहे हैं। प्रभावित इलाकों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव भी कराया जा रहा है।
करीब 150 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन के जरिए एमएलओ और एंटी लार्वा का छिड़काव पूरा किया जा चुका है। इसमें जोन-3 और जोन-6 के प्रभावित क्षेत्र शामिल हैं। ऐसे जलभराव वाले स्थानों तक भी ड्रोन के माध्यम से दवा पहुंचाई जा रही है, जहां सामान्य मशीनों से पहुंचना मुश्किल है।
इसके अलावा छह मैनुअल और छह बड़ी फॉगिंग मशीनों के साथ एलएसए की दो बड़ी मशीनों से भी दवा का छिड़काव कराया जा रहा है। प्रशासन का फोकस जलभराव के दौरान और उसके बाद मच्छरों के प्रजनन को रोकने तथा बीमारियों के खतरे को कम करने पर है।
राहत व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए नगर आयुक्त गौरव कुमार ने ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती युनिवर्सिटी में बनाए गए अस्थायी भंडार केंद्र का भी जायजा लिया। उन्होंने वहां मौजूद राहत सामग्री और अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता की जानकारी ली।
नगर आयुक्त ने अधिकारियों से यह भी जाना कि राहत सामग्री को किस तरह व्यवस्थित रखा जा रहा है और जरूरत पड़ने पर उसे प्रभावित इलाकों तक कितनी जल्दी पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने सामग्री के उचित रख-रखाव और समय पर वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मौजूदा राहत कार्यों के साथ-साथ जलस्तर कम होने के बाद की परिस्थितियों से निपटने की तैयारी भी पहले से पूरी रखी जाए। प्रत्येक प्रभावित क्षेत्र के लिए अलग-अलग टीमें तैयार की जा रही हैं।
पानी उतरने के बाद इन टीमों के जरिए सड़कों और बस्तियों में जमा कीचड़, कचरे और गंदगी को हटाने के लिए विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही ब्लीचिंग पाउडर, एंटी लार्वा और जरूरी दवाओं का छिड़काव तथा फॉगिंग भी कराई जाएगी।
इस पूरी कवायद का मकसद जलभराव के बाद संक्रामक और मच्छरजनित बीमारियों के संभावित प्रसार को रोकना है। प्रशासन ने राहत, बचाव, स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं को एक साथ सक्रिय रखते हुए प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।