होम जंतर-मंतर पर CJP मंच से उत्तराखंड के कॉन्स्टेबल ने नौकरी छोड़ने का दावा, विभागीय जांच और कार्रवाई की भी चर्चा
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रदर्शन के दौरान एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उत्तराखंड पुलिस के कॉन्स्टेबल शेर सिंह ने मंच पर पहुंचकर अपना पुलिस बैज उतारकर CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को सौंप दिया।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रदर्शन के दौरान एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उत्तराखंड पुलिस के कॉन्स्टेबल शेर सिंह ने मंच पर पहुंचकर अपना पुलिस बैज उतारकर CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को सौंप दिया। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि वह पुलिस की नौकरी छोड़ चुके हैं और छात्रों के समर्थन में आंदोलन से जुड़ने आए हैं।
मंच से संबोधित करते हुए शेर सिंह ने सरकार और व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने भगत सिंह के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा, "जिंदगी अपने दम पर जी जाती है. क्रांति विचारों से आती है. अगर अपने हक के लिए लड़ना बगावत है, तो हम बागी हैं."
Uttarakhand cop resigned in support of students in jantar mantar. pic.twitter.com/XXvRwK43Cd
— Pahadi Voice (Xac) (@HimalayanRoars) July 24, 2026
उनके भाषण के दौरान मौजूद लोगों ने नारेबाजी कर उनका समर्थन किया। भाषण समाप्त होने के बाद उन्होंने अपना पुलिस बैज अभिजीत दीपके के हाथों में सौंप दिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
अपने संबोधन के दौरान शेर सिंह ने उत्तराखंड की भर्ती प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि "पटवारी का पेपर परचून की दुकान पर मिलता है."
जानकारी के अनुसार, शेर सिंह उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में तैनात हैं।
इस घटनाक्रम के बाद उत्तराखंड पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय भेजी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, शेर सिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस अधिकारियों का यह भी कहना है कि शेर सिंह के खिलाफ पहले से कथित रिश्वत लेने के आरोप में विभागीय जांच चल रही है। हालांकि, इन आरोपों पर अभी अंतिम निष्कर्ष या आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है।
उधर, जंतर-मंतर से उनका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह CJP के मंच पर मौजूद दिखाई दे रहे हैं। अब एक ओर जहां शेर सिंह छात्रों के समर्थन में अपने कदम को आंदोलन का हिस्सा बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनके खिलाफ चल रही विभागीय जांच और आरोपों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
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