होम बालाघाट में 30 से ज्यादा बच्चों की मौत, राहुल गांधी का CM मोहन यादव पर हमला, बोले- दीये जलाने से फुर्सत मिल गई...
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में 30 से अधिक आदिवासी बच्चों की मौत का मामला लगातार सुर्खियों में है। रिपोर्टों के अनुसार, प्रभावित आदिवासी इलाकों में बीमारी, कुपोषण और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में 30 से अधिक आदिवासी बच्चों की मौत का मामला लगातार सुर्खियों में है। रिपोर्टों के अनुसार, प्रभावित आदिवासी इलाकों में बीमारी, कुपोषण और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है।
राहुल गांधी ने 17 सितंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बालाघाट की स्थिति का जिक्र करते हुए सरकार पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीमारी, कुपोषण और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के बीच 30 से ज्यादा आदिवासी बच्चों की मौत हुई है।
बालाघाट में 30 से ज़्यादा आदिवासी बच्चों की बीमारी, कुपोषण और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के बीच मौत हो चुकी है।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 17, 2026
संवेदनहीनता का आलम यह है मासूमों की मौतें होती रहीं, लेकिन कार्रवाई सुस्त रही, सरकार सोती रही।
मुख्यमंत्री जी, दीये जलाने और उत्सव मनाने से फुर्सत मिल गई हो…
राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर निशाना साधते हुए कहा, 'मुख्यमंत्री जी, दीये जलाने और उत्सव मनाने से फुर्सत मिल गई हो…' उनके पोस्ट में बच्चों की मौत के साथ बीमारी, कुपोषण, साफ पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का भी उल्लेख किया गया।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि बच्चों की मौत के बावजूद सरकार की कार्रवाई धीमी रही। उन्होंने बीमारी की रोकथाम, पोषण, स्वच्छ पानी और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। ये राहुल गांधी द्वारा सरकार पर लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट भी बालाघाट में बच्चों की मौत से संबंधित एक जनहित याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांग चुका है।
बालाघाट के आदिवासी बहुल इलाकों में बच्चों के बीमार पड़ने और अस्पतालों में भर्ती होने की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्टों में बुखार, संक्रमण, कुपोषण और एनीमिया जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का उल्लेख किया गया है। कुछ रिपोर्टों में मलेरिया और खसरे जैसी बीमारियों को लेकर भी जांच और चिंता की बात सामने आई है।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में दायर याचिका में प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और अस्पतालों में बड़ी संख्या में मरीजों के इलाज का दावा किया गया था। कोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और बालाघाट कलेक्टर समेत संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
राहुल गांधी ने अपने बयान में मध्य प्रदेश में कथित मिलावटी दवाइयों और अवैध शराब से जुड़े मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि इन घटनाओं से कई परिवार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने बच्चों, छात्रों, युवाओं, गरीबों, दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों और महिलाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों को भी उठाया।
उन्होंने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। राहुल गांधी के मुताबिक, वह इंदौर दौरे के दौरान छात्रों, युवाओं और आम लोगों से बातचीत कर रहे हैं और उनसे मिल रही प्रतिक्रियाओं के आधार पर प्रदेश की स्थिति को समझने की कोशिश कर रहे हैं।
राहुल गांधी ने बताया कि वह इंदौर जा रहे हैं और वहां छात्रों, युवाओं तथा आम लोगों से बातचीत करेंगे। इस दौरान उन्होंने मध्य प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए।
राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश सरकार को देश की सबसे भ्रष्ट और सबसे अक्षम सरकार बताया। यह उनका राजनीतिक आरोप है, जिसे उन्होंने बालाघाट में बच्चों की मौत और राज्य की अन्य समस्याओं का जिक्र करते हुए सामने रखा।
बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत का मामला अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के साथ न्यायिक और प्रशासनिक जांच के दायरे में भी है। रिपोर्टों के मुताबिक, जुलाई 2026 से बैगा और गोंड बहुल इलाकों में 30 से अधिक बच्चों की मौत की सूचना सामने आई है। प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों के इलाज, पोषण और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
वहीं, प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य निगरानी और टीकाकरण जैसे कदम उठाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। ऐसे में अब इस पूरे मामले में मौतों के कारण, स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति और प्रशासन की कार्रवाई को लेकर सामने आने वाली रिपोर्टों पर नजर बनी हुई है।
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