होम यूपी चुनाव 2027 से पहले BJP के मुख्यमंत्री चेहरे पर चर्चा तेज, पंकज चौधरी के बयान के बाद शुरू हुई नई राजनीतिक अटकलें
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसकी वजह बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का वह बयान है, जिसमें उन्होंने कहा कि..
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसकी वजह बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का वह बयान है, जिसमें उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका फैसला पार्टी का पार्लियामेंट्री बोर्ड करेगा। इस बयान के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर अलग-अलग राजनीतिक विश्लेषण सामने आने लगे हैं।
हाल के वर्षों में हुए कई विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने कई राज्यों में मुख्यमंत्री चेहरे की औपचारिक घोषणा नहीं की थी। चुनाव परिणाम आने के बाद पार्टी ने नए नेताओं को मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी।
मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान की जगह मोहन यादव, राजस्थान में वसुंधरा राजे की बजाय भजन लाल शर्मा और छत्तीसगढ़ में रमन सिंह के स्थान पर विष्णु देव साय को मुख्यमंत्री बनाया गया। इन उदाहरणों के चलते यूपी में भी मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
हरियाणा में बीजेपी ने चुनाव से पहले ही नायब सिंह सैनी को मुख्यमंत्री चेहरा घोषित कर दिया था। वहीं महाराष्ट्र में महायुति ने किसी एक चेहरे पर चुनाव नहीं लड़ा और चुनाव बाद विधायकों के संख्याबल के आधार पर नेतृत्व तय हुआ।
असम में भी हिमंत बिस्वा सरमा को लेकर औपचारिक घोषणा नहीं की गई थी। चुनाव के बाद मुख्यमंत्री के चयन का फैसला विधायक दल की बैठक पर छोड़ दिया गया, हालांकि पार्टी ने चुनाव उनके नेतृत्व में ही लड़ा।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी ने पहले से मुख्यमंत्री चेहरे की घोषणा नहीं की थी। चुनाव परिणाम आने के बाद रेखा गुप्ता को मुख्यमंत्री बनाया गया। पश्चिम बंगाल में भी पार्टी ने चुनाव से पहले किसी चेहरे की औपचारिक घोषणा नहीं की थी।
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने एक साक्षात्कार में कहा था कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ ही पार्टी का मुख्यमंत्री चेहरा होंगे। वहीं कुछ समय बाद प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री के चयन पर अंतिम फैसला पार्लियामेंट्री बोर्ड करेगा।
गाजियाबाद में पंकज चौधरी ने यह भी कहा था कि पार्लियामेंट्री बोर्ड तय करेगा कि चुनाव योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लड़ा जाएगा या नहीं।
सीएसडीएस के निदेशक संजय कुमार का कहना है कि मुख्यमंत्री कौन होगा, यह बीजेपी का आंतरिक मामला है। उनके मुताबिक, संभव है कि पंकज चौधरी को इस विषय पर स्पष्ट घोषणा करने की अनुमति न मिली हो। उन्होंने यह भी कहा कि यह बयान प्रदेश अध्यक्ष के राजनीतिक महत्व और भूमिका को दर्शाने की कोशिश भी हो सकता है।
वहीं राजनीतिक विश्लेषक योगेश मिश्रा का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के दौर में पार्लियामेंट्री बोर्ड की भूमिका सीमित हो गई है। उनके अनुसार, उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री को लेकर अंतिम निर्णय शीर्ष नेतृत्व ही करेगा।
योगेश मिश्रा का कहना है कि मुख्यमंत्री चेहरे पर औपचारिक घोषणा से बचने के पीछे सामाजिक समीकरण भी एक कारण हो सकते हैं। उनके अनुसार, योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता व्यापक है, लेकिन कुछ मुद्दों को लेकर ब्राह्मण समुदाय के एक वर्ग में नाराजगी की चर्चा भी होती रही है। ऐसे में पार्टी सभी वर्गों को साथ रखने की रणनीति के तहत मुख्यमंत्री चेहरे पर अंतिम घोषणा से फिलहाल बचती हुई नजर आ सकती है।
हालांकि, बीजेपी की ओर से मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर अभी तक कोई नया आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है। ऐसे में 2027 के चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री पद पर राजनीतिक अटकलों का दौर जारी है।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।