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ज्ञानवापी में शिवलिंग मिलने की जानकारी हाईकोर्ट पहुंची, 20 को होगी अब सुनवाई
वाराणसी में ज्ञानवापी के अंदर शिवलिंग मिलने व वजूखाने को सील किए जाने की जानकारी इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंच गई। काशी विश्वनाथ मंदिर व ज्ञानवापी मस्जिद विवाद को लेकर हाईकोर्ट में लंबित याचिका पर सोमवार को दोपहर दो बजे के बाद सुनवाई के दौरान कोर्ट को जानकारी दी गई कि वाराणसी में एडवोकेट कमिश्नर के सर्वे के दौरान शिवलिंग मिला है। उसके बाद संबंधित क्षेत्र सील कर दिया गया है।
गौरतलब है कि वर्ष 1991 में पं. सोमनाथ व्यास एवं अन्य ने सिविल जज (सीनियर डिवीजन) वाराणसी की अदालत में दीवानी मुकदमा दाखिल किया था। इसी मामले में बीते साल सिविल जज (सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक) ने पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने का आदेश दिया था। अंजुमन इंतजामिया मस्जिद एवं सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के आदेश के खिलाफ़ याचिका की है, जिस पर सुनवाई चल रही है।
सोमवार को वाराणसी के ताजा हालात की जानकारी देते हुए कहा गया कि विवादित स्थल में मंदिर के अवशेष मिलने लगे हैं, इससे स्पष्ट है कि विवादित स्थान पर भगवान विश्वेश्वर मंदिर का अस्तित्व प्राचीन काल यानी सतयुग से अब तक चला आ रहा है। इससे पहले इंतजामिया मस्जिद एवं सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अधिवक्ता पुनीत गुप्ता ने कहा कि निचली अदालत जिस मामले की सुनवाई कर रही है, वह प्लेसेस आफ वर्शिप एक्ट 1991 की धारा 4 के अंतर्गत प्रतिबंधित है। क्योंकि धारा 4 में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जो भी उपासना स्थल की नवैयत 15 अगस्त 1947 में थी, वह बदली नहीं जा सकती है। और याचिका में मस्जिद की जगह मंदिर बनाने की अपील की गई है। जबकि 1947 में ही राज्य सरकार ने इसे मस्जिद घोषित कर सुन्नी वक्फ बोर्ड के हवाले कर दिया था। इस कारण यह सुनवाई जो वाराणसी में चल रही है, वह नहीं हो सकती है।
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