होम शिवपाल यादव क्यों पीछे खींच रहे कदम, भाजपा से नहीं बनी बात? 2 दिन में 2 संकेत
शिवपाल यादव क्यों पीछे खींच रहे कदम, भाजपा से नहीं बनी बात? 2 दिन में 2 संकेत
प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के प्रमुख शिवपाल यादव भतीजे अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी (सपा) से नाराज हैं यह तो पूरी तरह साफ है, लेकिन इस नाराजगी की वजह से उनका अगला कदम क्या होगा, इस पर सस्पेंस बरकरार है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में जाने की अटकलों के बीच शिवपाल यादव ने दो दिन में दो ऐसे संकेत दिए हैं, जिससे उनका रुख बदलता नजर आ रहा है। शिवपाल ऐसे समय पर यूटर्न लेते दिख रहे हैं, जबकि हाल ही में वह समान नागरिक संहिता जैसे मुद्दे का समर्थन कर चुके हैं, जो भाजपा का कोर अजेंडा है।
कल बिजली को लेकर सपा की तारीफ
रविवार को जसवंतनगर में एक कार्यक्रम में पहुंचे शिवपाल यादव ने सपा के शासन की तारीफ की तो भाजपा पर सवाल खड़े किए। टैबलेट वितरण कार्यक्रम में शिवपाल ने कहा कि सपा सरकार में बिजली की समस्या नहीं रहती थी। आज बिजली कब आती और कब जाती कुछ पता नहीं रहता। अखिलेश से मतभेदों के बीच शिवपाल का यह बयान अहम माना जा रहा है। शिवपाल सिंह यादव ने सरकार की लैपटॉप वितरण योजना को सराहा पर भाजपा पर कटाक्ष भी किया। कहा कि आज लोगों को बिजली का ज्यादा बिल देना पड़ रहा है। शासन को चाहिए कि वह गरीबों और पिछड़ों को फ्री बिजली मुहैया कराए।
आज सुप्रीम कोर्ट के फैसले के जरिए संकेत
सोमवार को शिवपाल यादव की ओर सुप्रीम कोर्ट की तारीफ किए जाने के बाद भी इसके मायने तलाशे जा रहे हैं। लखीमपुर खीरी में किसानों को जीप से कुचलने के आरोपी और केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के कुछ देर बाद शिवपाल ने ट्वीट करते सुप्रीम कोर्ट की निष्पक्षता की तारीफ की। उन्होंने बिना किसी फैसले का जिक्र करते हुए कहा, ''इसलिए सर्वोच्च न्यायालय सर्वोच्च है। सर्वोच्च न्यायालय की असंदिग्ध स्वतंत्रता, निष्पक्षता और स्वायत्तता को नमन। भारत की न्याय व्यवस्था अम्मीद की एक किरण है।
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