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समाचारविदेश Alert Star Digital Team Apr 6, 2026 09:45 PM

दुश्मन मजबूत है, ट्रंप का बड़ा कबूलनामा, ईरान की ताकत मानी, जंग खत्म करने पर दिया बड़ा संकेत

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहली बार खुलकर ईरान की सैन्य क्षमता को स्वीकार किया है। शांति वार्ता और हालिया चेतावनियों के बीच ट्रंप के बयान ने वैश्विक राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।

दुश्मन मजबूत है, ट्रंप का बड़ा कबूलनामा, ईरान की ताकत मानी, जंग खत्म करने पर दिया बड़ा संकेत

US-Iran War News: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहली बार खुलकर ईरान की सैन्य क्षमता को स्वीकार किया है। शांति वार्ता और हालिया चेतावनियों के बीच ट्रंप के बयान ने वैश्विक राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने साफ कहा कि ईरान कमजोर दुश्मन नहीं बल्कि मजबूत प्रतिद्वंद्वी है, हालांकि उसकी ताकत पहले के मुकाबले कम हुई है।

व्हाइट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "जब दुश्मन कमजोर हो तो आपको कोई दिक्कत नहीं होती, लेकिन यह दुश्मन मजबूत है. हालांकि उनके पास अब उतनी ताकत नहीं बची, जितनी करीब एक महीने पहले थी." उनके इस बयान को अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अमेरिकी सेना की ताकत पर जताया भरोसा

ट्रंप ने अमेरिकी सेना की क्षमता पर जोर देते हुए कहा, "हमारी सेना पूरी दुनिया में सबसे महान और शक्तिशाली सेना है, जिसे सबने वेनेज़ुएला में किए गए ऑपरेशन में देखा. यह मेरे लिए गर्व की बात है. मैंने अपने पहले कार्यकाल में इसे और भी मजबूत बनाया था और मुझे अंदाजा भी नहीं था कि अपने दूसरे कार्यकाल में मुझे इसका इतना ज्यादा इस्तेमाल करना पड़ेगा." उन्होंने संकेत दिए कि ईरान को लेकर अमेरिका जल्द ही अंतिम रणनीतिक फैसला ले सकता है।

तेल कब्जे और सत्ता परिवर्तन पर भी दिया बयान

कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा, "मैं चाहता तो ईरान के तेल पर कब्जा कर लेता. बदकिस्मती से, अमेरिकी लोग चाहते हैं कि हम घर लौट आएं. हमें लगता है कि ईरान का नया शासन पिछले शासनों के मुकाबले कहीं ज्यादा समझदार है. हमने वहां पूरी तरह से सत्ता परिवर्तन कर दिया."

F-15 फाइटर जेट से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा, "इस मामले में ईरान थोड़ा लकी साबित हुआ. युद्ध में कभी-कभी किस्मत की भी जरूरत पड़ती है."

शांति प्रस्ताव पर क्या बोले ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार ईरान ने अमेरिका के सामने शांति का प्रस्ताव रखा है। ट्रंप ने कहा कि यह प्रस्ताव पूरी तरह संतोषजनक भले न हो, लेकिन बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ईरान ने हथियार डालने से इनकार किया तो उसके महत्वपूर्ण ढांचे सुरक्षित नहीं रहेंगे।

ट्रंप ने आगे कहा, "हम चाहें तो जंग से बाहर निकल सकते हैं, लेकिन मैं इसे पूरा करना चाहता हूं. ईरान को अपनी चीजें फिर से पहले की तरह बनाने में 15 साल लग जाएंगे. हम ईरान को न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाने देंगे. वे पागल हैं और आप किसी पागल के हाथों में न्यूक्लियर हथियार नहीं दे सकते. वे बस हार मानना नहीं चाहते. वे हार मानना नहीं चाहते हैं."

ट्रंप के इस बयान को अमेरिका-ईरान संबंधों में संभावित बड़े फैसले का संकेत माना जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में मिडिल ईस्ट की स्थिति और ज्यादा निर्णायक मोड़ ले सकती है।

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