होम शांति दूत बनना है तो आतंक पर वार करो, थरूर का पाकिस्तान पर करारा हमला, US-ईरान टॉक्स पर बड़ा बयान
अमेरिका-ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता को लेकर कांग्रेस सांसद Shashi Tharoor ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत इस संघर्ष के जल्द खत्म होने की उम्मीद करता है, क्योंकि इसका असर सीधे देश की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जिंदगी पर पड़ रहा है।
अमेरिका-ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता को लेकर कांग्रेस सांसद Shashi Tharoor ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत इस संघर्ष के जल्द खत्म होने की उम्मीद करता है, क्योंकि इसका असर सीधे देश की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जिंदगी पर पड़ रहा है।
थरूर ने कहा,
'उम्मीद हमें शांति की है. युद्ध की वजह से हमारे ऊपर असर पड़ा है. भारत की रसोई पर भी असर पड़ा है. हम चाहेंगे कि युद्ध खत्म हो जाए. नेचुरल गैस के प्रोडक्शन पर काफी असर पड़ा है. जो कुछ वहां से आता है, उससे हमारी फैक्ट्री पर भी असर पड़ रहा है. इस युद्ध का खत्म होना हमारे देश हित में है. जो भी शांति लेकर आए चाहे पाकिस्तान लेकर या कोई भी लेकर आए, हम बस शांति चाहते हैं.'
उन्होंने आगे कहा कि भारत इस पूरे घटनाक्रम में निष्क्रिय नहीं रह सकता और जरूरत पड़ने पर सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
'हमारा रोल महत्वपूर्ण है- थरूर'
'हम पैसिव रहना अफोर्ड नहीं कर सकते हैं हमें एक्टिव रहना होगा. कभी-कभी ये रोल खामोशी का भी होता है. हम रीज़न में काफी कम कर रहे हैं. हमारे 3 मंत्री उस रीज़न में गए हैं और हमारा रोल महत्वपूर्ण है.'
पाकिस्तान की मध्यस्थता को लेकर थरूर ने कहा कि उसके अमेरिका और ईरान दोनों से रिश्ते हैं, इसलिए उसकी भूमिका अलग है।
'पाकिस्तान का वॉशिंगटन के साथ जैसा रिश्ता है, उसके मुताबिक ये पाकिस्तान ही कर सकता है. ईरान, पाकिस्तान का पड़ोसी है. 4 करोड़ शिया पाकिस्तान में हैं. उनका इन्वॉल्वमेंट अलग किस्म का है. अगर अमेरिका और हमले करता है तो वो रिफ्यूजी पाकिस्तान में ही आएंगे. इसलिए पाकिस्तान का स्टेक ही अलग है इस मुद्दे पर. हमारा कंपटीशन अलग है पाकिस्तान के साथ. उनके यथार्थ अलग हैं हमारे यथार्थ अलग हैं.'
थरूर ने पाकिस्तान को सख्त संदेश देते हुए कहा कि अगर वह खुद को शांति दूत के रूप में पेश करना चाहता है, तो उसे आतंकवाद के खिलाफ ठोस कदम उठाने होंगे।
'अगर आप शांति दूत बनना चाहते हैं तो आपको आतंकवादियों का जो इंफ्रास्ट्रक्चर है, टेररिस्ट कैंप है, उनके अकाउंट हैं फ्रिज करो. उन्हें गिरफ्तार करो यह सब करने के बाद हम सोचेंगे कि आप के मन में सचमुच कुछ बदलाव आया है.'
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शांति की कोशिशों के बावजूद भारत पाकिस्तान की पिछली गतिविधियों को नहीं भूलेगा।
'क्या यह गायब हो जाएगा बिल्कुल नहीं. आने वाले कल में अगर आप शांति दूत बनना चाहते हैं तो आपको आतंकवादियों का जो इंफ्रास्ट्रक्चर है, टेररिस्ट कैंप है, उनके अकाउंट हैं फ्रिज करो.'
थरूर ने अंत में कहा कि भारत शांति चाहता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पुरानी घटनाओं को भुला दिया जाएगा।
'हम चाहते हैं शांति आ जाए. पाकिस्तान को करने दो, शांति आएगी तो अच्छा होगा लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पाकिस्तान की करतूत हम भूल जाएंगे. आज हमें इस बारे में ज्यादा बोलने की जरूरत नहीं है क्योंकि हम चाहते हैं कि शांति आ जाए.'
उन्होंने कहा कि भारत को इस समय एक रचनात्मक और संतुलित भूमिका निभानी चाहिए, जिससे क्षेत्र में स्थिरता कायम हो सके।
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