होम सपा का गढ़ भी हिलेगा, ओपी राजभर का बड़ा दावा,10 सीटों पर जीत की ठोकी ताल, संजय निषाद को दिया जवाब
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख और योगी सरकार में मंत्री Om Prakash Rajbhar के बयान ने आजमगढ़ की राजनीति को गरमा दिया है।
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख और योगी सरकार में मंत्री Om Prakash Rajbhar के बयान ने आजमगढ़ की राजनीति को गरमा दिया है।
अतरौलिया सीट से चुनाव लड़ने की चर्चाओं को खारिज करते हुए उन्होंने साफ कर दिया कि उनका लक्ष्य केवल एक सीट नहीं, बल्कि पूरे जिले की सभी 10 विधानसभा सीटों पर एनडीए को जीत दिलाना है।
ओपी राजभर ने कहा कि वह व्यक्तिगत चुनाव लड़ने के बजाय संगठन को मजबूत कर पूरे आजमगढ़ में गठबंधन को बढ़त दिलाने पर ध्यान दे रहे हैं। उनके इस बयान को सपा के गढ़ में सीधी चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है।
राजभर ने Akhilesh Yadav पर निशाना साधते हुए 2022 के चुनाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा,
'अखिलेश जी ने अपने चेलों की बात मानकर समझा कि यहां कुछ नहीं है, अब चुनाव के बाद ही उनके चेलों से मेरी मुलाकात होगी.'
अपनी सीट जहूराबाद को लेकर भी राजभर ने आत्मविश्वास जताया। उन्होंने कहा कि इस बार वह 60,000 से अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज करेंगे।
साथ ही उन्होंने सपा के कई कार्यकर्ताओं को अपनी पार्टी में शामिल कराते हुए दावा किया कि अब जनता विकास और बुनियादी जरूरतों के मुद्दों को प्राथमिकता दे रही है।
आजमगढ़ को सपा का गढ़ कहे जाने पर राजभर ने कहा कि यह किसी एक दल या जाति तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि यहां सभी वर्गों के लोग रहते हैं और उनकी पार्टी हर वर्ग में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है।
राजभर ने सपा में टिकट वितरण को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने कहा,
'अगर जमाली के नाम के आगे 'यादव' लगा होता, तो शायद उन्हें टिकट मिल जाता.'
निषाद समाज की कथित नाराजगी के सवाल पर उन्होंने इसे सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि जनता पूरी तरह उनके साथ है।
वहीं, इस बयान पर Sanjay Nishad ने आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि गठबंधन में सीटों को लेकर फैसला आपसी बातचीत के बाद ही होगा और इस तरह के दावे करना सही नहीं है।
ओपी राजभर के इस बयान को पूर्वांचल की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। अब यह देखना अहम होगा कि आगामी चुनाव में यह रणनीति कितना असर डालती है।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।