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समाचारदेशराजनीति Alert Star Digital Team Feb 3, 2026 08:19 PM

मणिपुर को मिला नया सारथी, युमनाम खेमचंद होंगे अगले मुख्यमंत्री, N. बीरेन सिंह ने खुद रखा प्रस्ताव

लंबे समय से जातीय हिंसा और राष्ट्रपति शासन के साये में रहे मणिपुर में आखिरकार नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने युमनाम खेमचंद सिंह (Yumnam Khemchand Singh) को विधायक दल का नया नेता चुन लिया है. वे राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे.

मणिपुर को मिला नया सारथी, युमनाम खेमचंद होंगे अगले मुख्यमंत्री, N. बीरेन सिंह ने खुद रखा प्रस्ताव

इम्फाल/नई दिल्ली: लंबे समय से जातीय हिंसा और राष्ट्रपति शासन के साये में रहे मणिपुर में आखिरकार नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने युमनाम खेमचंद सिंह (Yumnam Khemchand Singh) को विधायक दल का नया नेता चुन लिया है. वे राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे. पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे और करीब एक साल तक चले राष्ट्रपति शासन के बाद यह राज्य में लोकतांत्रिक सरकार की वापसी है.

कौन हैं युमनाम खेमचंद?

  • अनुभव: युमनाम खेमचंद 2 बार के विधायक हैं और पिछली बीरेन सिंह सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं.
  • समुदाय: वे मैतेई समुदाय से आते हैं, जो राज्य के मौजूदा जातीय समीकरणों में महत्वपूर्ण है.
  • सहमति: उनकी स्वीकार्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके नाम का प्रस्ताव खुद निवर्तमान मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने रखा.

2 डिप्टी सीएम वाला फॉर्मूला, कल हो सकता है शपथ ग्रहण

सूत्रों के मुताबिक, जातीय संतुलन साधने के लिए मणिपुर में इस बार 2 उपमुख्यमंत्री भी बनाए जाएंगे. शपथ ग्रहण समारोह बुधवार (4 फरवरी 2026)* को आयोजित होने की संभावना है. (*नोट: इनपुट में 3 फरवरी को बुधवार लिखा है, लेकिन कैलेंडर के अनुसार 3 फरवरी मंगलवार है, अतः शपथ ग्रहण अगले दिन हो सकता है).

1 साल बाद खत्म होगा राष्ट्रपति शासन

मणिपुर में पिछले साल 13 फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू था. मेइती और कुकी समुदायों के बीच भड़की हिंसा के कारण एन. बीरेन सिंह को इस्तीफा देना पड़ा था. राष्ट्रपति शासन की अवधि 12 फरवरी 2026 को समाप्त होने वाली थी, उससे ठीक पहले बीजेपी ने सरकार गठन की प्रक्रिया पूरी कर ली है.

दिल्ली में बनी सहमति, कुकी-मेइती विधायकों को एक साथ लाया गया

नई सरकार का गठन आसान नहीं था. इसके लिए दिल्ली में बीजेपी हाईकमान ने मैराथन बैठकें कीं.

  • बातचीत: बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव बी.एल. संतोष और संबित पात्रा ने मेइती और कुकी विधायकों को एक छत के नीचे लाकर सहमति बनाने की कोशिश की.
  • विधायक संख्या: 60 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी के पास अपने 32 और जेडीयू से आए 5 विधायकों को मिलाकर कुल 37 विधायक हैं, जो बहुमत के लिए पर्याप्त हैं. इसके अलावा एनपीपी (6) और एनपीएफ (5) का भी समर्थन अहम होगा.
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