होम पेपर Leak Protest पर सियासत तेज: सोनम वांगचुक को हटाने की कार्रवाई पर कन्हैया कुमार का मोदी सरकार पर बड़ा हमला
कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले जाने की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विरोध की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है और प्रदर्शनकारियों को जबरन हटाया जा रहा है।
कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले जाने की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विरोध की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है और प्रदर्शनकारियों को जबरन हटाया जा रहा है।
कन्हैया कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "लीक-प्रधान अपनी गद्दी से चिपके हुए हैं और उनका इस्तीफा मांग रहे लोगों को जंतर-मंतर से जबरदस्ती उठाया जा रहा है. जैसे कि ये विरोध प्रदर्शन करने की जगह नहीं बल्कि इनका प्राइवेट गार्डन हो."
उन्होंने केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधते हुए कहा कि विरोध करने वालों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया जा रहा है, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।
कांग्रेस नेता ने आगे कहा, "चोरी ही संस्कार है इस सरकार का. चुनें हुए विधायक को चुराकर होटल ले जाते हैं और न्याय मांग रहे लोगों को अस्पताल पहुंचा दिया जाता है. जेल जाओ या भाजपा में आओ, ये खेल इसलिए खेला जा रहा है ताकि लोगों को चुप कराकर लोकतंत्र को खत्म किया जा सके. इस शाह को तानाशाह कह सकते हैं."
कन्हैया कुमार ने छात्रों और युवाओं के आंदोलन का समर्थन करते हुए विश्वास जताया कि सरकार के रवैये के बावजूद उनकी आवाज दबाई नहीं जा सकेगी। उन्होंने कहा, “ये गूंज हुंकार बनेगी, बदहाल शिक्षा व्यवस्था बदलेगी, सरकार और सिस्टम बदलेगा.”
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक पिछले 21 दिनों से जंतर-मंतर पर पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे थे। बुधवार को उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस उन्हें सफदरजंग अस्पताल लेकर गई।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया। अस्पताल में जांच के दौरान बताया गया कि भूख हड़ताल के कारण सोनम वांगचुक का वजन करीब 9.5 किलोग्राम कम हो चुका है और उनका उपचार जारी है। इस घटनाक्रम के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए इसे लोकतंत्र के खिलाफ कदम बताया है।
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