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26 जनवरी को ट्रैक्टर मार्च की तैयारी में जुटे प्रदर्शनकारी,
कृषि कानूनों के खिलाफ कुंडली बार्डर पर चल रहे आंदोलन में फिलहाल सभी किसान नेता 26 जनवरी के ट्रैक्टर मार्च की रणनीति बनाने में जुट गए हैं। मुख्य मंच से दिनभर सभी नेता इसकी सफलता के लिए अपनी ओर से तरह-तरह के दिशा-निर्देश देते रहे और मार्च को शांतिपूर्ण ढंग निकालने की अपील करते रहे। किसान न केवल ट्रैक्टर मार्च की रिहर्सल कर रहे हैं बल्कि लगातार मंच से किसानों को मार्च के दौरान अनुशासन बनाए रखने के लिए भी कह रहे हैं। आंदोलनरत किसानों को संबोधित करने के लिए मंगलवार को मंच पर आने वाले सभी किसान नेताओं के भाषण के केंद्र में ट्रैक्टर मार्च ही था। दोपहर के वक्त मंच से किसानों को संबोधित कर रहे पंजाब के किसान नेताओं ने संयुक्त मोर्चा की ओर से दिए गए दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन करने की अपील की। दूसरी ओर, ट्रैक्टर मार्च को लेकर 25 सदस्यीय एक टीम भी बनाई गई है। टीम के सदस्य आंदोलन स्थल पर घूमकर मार्च के लिए मोर्चा की समन्वय समिति में लिए गए निर्णयों से सभी को अवगत कराया। सभी से शांतिपूर्ण मार्च के लिए बार-बार अपील की जा रही है। नियमों के बारे में भी आगाह किया जा रहा है। किसानों का कहना है कि वे चाहते हैं कि देश में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में उनका यह आंदोलन और ट्रैक्टर मार्च एक नजीर बने।
ज्ञात हो कि तीन कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसानों ने 26 जनवरी का ट्रैक्टर मार्च निकालने का निर्णय लिया है। संयुक्त किसान मोर्चा ने तय किया है कि यह ट्रैक्टर मार्च दिल्ली के आउटर रिग रोड से निकाला जाएगा।
मार्च में शामिल होंगी महिलाएं, उपद्रव से बचने का निकाला तरीका :
किसान आंदोलन में व्यवस्था की पूरी कमान युवाओं ने थाम रखी है। ट्रैक्टर मार्च की कमान युवा किसानों को दी गई है। हर टीम का एक नेतृत्वकर्ता बनाया गया है, जो पूरी टीम तक नियमों को पहुंचाएगा। इसके साथ ही लगातार 25 जनवरी तक रोजाना रिहर्सल कर छोटी-मोटी खामियों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। किसान नेताओं ने तय किया है कि मार्च में कई ट्रैक्टर महिलाएं चलाएंगी। ताकि किसी प्रकार के उपद्रव से बचा जा सके।
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