होम 01 अक्टूबर से जनपद के 77 क्रय केंद्रों पर प्रारम्भ होगा धान क्रय का कार्य, पी.एफ.एम.एस. के माध्यम से होगा भुगतान
धान के विक्रय हेतु खाद्य विभाग के ई-उपार्जन पोर्टल https://fcs.up.gov.in पर अनिवार्य रूप से ससमय आनलाईन पंजीकरण कराये कृषक बंधु
शाहजहाँपुर।(Akash Saxena) अपर जिलाधिकारी (प्रशासन)/जिला खरीद अधिकारी रामसेवक द्विवेदी ने जनपद के समस्त कृषक बंधुओं को सूचित किया है कि खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 के अन्तर्गत धान क्रय हेतु शासन द्वारा समय सारणी निर्गत कर दी गयी है। जिलाधिकारी महोदय के अनुमोदनोपरान्त विपणन शाखा के 24, पी.सी.एफ. के 22, पी.सी.यू. के 13, यू.पी.एस.एस. के 14, नैफेड के 02 एवं भा.खा.नि. के 02 कुल 77 धान क्रय केन्द्रों को स्वीकृत किया जा चुका है। तहसील सदर में 15, पुवाया मे 40, तिलहर में 15 एवं जलालाबाद/कलान में 07 धान क्रय केन्द्र है। शासनादेश में दी गयी व्यवस्था के परिप्रेक्ष्य दिनांक 01 अक्टूबर 2022 से धान क्रय कार्य प्रारम्भ कराया जा रहा है, जो दिनांक 31.01.2023 तक जारी रहेगा।
उन्होंने कृषक बंधुओं से अपील है कि अपने धान के विक्रय हेतु खाद्य विभाग के ई-उपार्जन पोर्टल https://fcs.up.gov.in पर आनलाईन पंजीकरण अनिवार्य रूप से ससमय करा लें। पंजीकरण के समय विशेष रूप से ध्यान रखा जाये कि मोबाइल एवं आधार लिंक बैंक खाता, जो विगत छः माह से सक्रिय हो उसे ही भरा जाये, ताकि पी.एफ.एम.एस. के माध्यम से भुगतान प्राप्त किये जाने में किसी प्रकार की कठिनाई न उठानी पड़े। धान क्रय अवधि में किसी भी प्रकार की समस्या के लिये जिला नियंत्रण कक्ष के दूरभाष संख्या 05842-220017, 220018 एवं 220019 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते है, ताकि उनकी समस्या का तत्काल निराकरण कराया जा सके। शासन द्वारा धान कॉमन का समर्थन मूल्य 2040/- रू.प्रति कुन्टल एवं धान ग्रेड ए का 2060/-रू. प्रति कुन्टल निर्धारित किया गया है। कृषक बंधु अपना धान साफ सुथरा एवं सुखाकर 17 प्रतिशत नमी व मानक के अनुरूप निर्धारित तिथि को केन्द्र पर लाकर विक्रय करते हुये लाभकारी मूल्य प्राप्त कर सकते है। उक्त के अतिरिक्त अपनी समस्या के समाधान हेतु जिला खाद्य विपणन अधिकारी, शाहजहाँपुर के दूरभाष संख्या 05842-221986 एवं मोबाइल संख्या 9519063411 एवं 6394340746 पर भी सम्पर्क कर सकते है।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।