होम Yogi Adityanath: कभी माफियाओं के कब्जे में थी ये जमीन, आज खड़ा है बड़ा संस्थान! UP में 5 GW Data Center का भी ऐलान

प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team Oct 24, 2026 07:39 PM

Yogi Adityanath: कभी माफियाओं के कब्जे में थी ये जमीन, आज खड़ा है बड़ा संस्थान! UP में 5 GW Data Center का भी ऐलान

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित TechSangam अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में ‘AI in Construction’ पुस्तक का अनावरण किया।

Yogi Adityanath: कभी माफियाओं के कब्जे में थी ये जमीन, आज खड़ा है बड़ा संस्थान! UP में 5 GW Data Center का भी ऐलान

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित TechSangam अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में ‘AI in Construction’ पुस्तक का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में कानून-व्यवस्था, माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई, फॉरेंसिक सुविधाओं और निवेश को लेकर अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सरकार में माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। उन्होंने दावा किया कि आज उत्तर प्रदेश में निवेश के नए अवसर बन रहे हैं, जबकि एक दशक पहले ऐसी स्थिति की कल्पना करना भी मुश्किल था।

सीएम योगी का दावा, माफिया के कब्जे वाली जमीन पर बना संस्थान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में उस जमीन का जिक्र किया, जहां आज उत्तर प्रदेश स्टेट फॉरेंसिक साइंसेज इंस्टीट्यूट स्थापित है। उन्होंने कहा कि पहले यह भूमि अराजकता और भू-माफिया की गतिविधियों का शिकार थी। उनके मुताबिक, कागजों में हेरफेर करके जमीन पर एक भू-माफिया ने अपना नाम दर्ज करा लिया था, जबकि पुलिस को इसकी जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो पाई थी।

सीएम योगी ने कहा कि जब डीजीपी ने उन्हें इस मामले की जानकारी दी, तो उन्होंने संबंधित फाइल मंगवाई और जांच के निर्देश दिए। इसके बाद एफआईआर दर्ज कराई गई। मुख्यमंत्री के अनुसार, आरोपी माफिया हाईकोर्ट पहुंचा, जिसके बाद दूसरी एफआईआर भी दर्ज कराई गई। अंततः उसने सरेंडर कर दिया और जमीन छोड़ दी। योगी ने कहा कि आज उसी जमीन पर महत्वपूर्ण संस्थान स्थापित है और वहां अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित हो रहा है।

अतीक अहमद का नाम लिए बिना माफिया पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री ने एक माफिया का उदाहरण देते हुए कहा कि उसने 1980 में पहला अपराध किया था। योगी के मुताबिक, वर्ष 2017 में उनकी सरकार ने जब उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू की, तो उसे यहां से पंजाब की जेल में स्थानांतरित कर दिया गया। उसे वापस उत्तर प्रदेश लाने के लिए तीन साल तक कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी और सुप्रीम कोर्ट में भी मामला उठाया गया।

सीएम योगी ने कहा कि जब सजा दिलाने के लिए सभी साक्ष्य प्रस्तुत कर दिए गए, तब सुरक्षा की गारंटी को लेकर सवाल किया गया। उन्होंने कहा कि उस माफिया को अपराध के करीब 42 साल बाद सजा मिल सकी। मुख्यमंत्री ने इस उदाहरण के जरिए न्याय मिलने में होने वाली देरी पर सवाल उठाया और अपनी सरकार की कार्रवाई का उल्लेख किया।

2030 तक यूपी में 5 गीगावाट डेटा सेंटर क्षमता का लक्ष्य

टेक्नोलॉजी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के लिए बड़ा लक्ष्य भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि सरकार का विजन वर्ष 2030 तक प्रदेश में 5 गीगावाट डेटा सेंटर क्षमता विकसित करना है। इसके लिए उत्तर प्रदेश में पांच बड़े डेटा सेंटर क्लस्टर का मजबूत नेटवर्क तैयार करने की दिशा में काम आगे बढ़ाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने लखनऊ एयरपोर्ट के पास की जमीन का भी उल्लेख किया, जिस पर उनके अनुसार एक माफिया ने कब्जा कर लिया था। उन्होंने बताया कि संबंधित फाइल मंगवाकर जमीन आवंटित करने वाले अधिकारी के खिलाफ जांच और कार्रवाई की गई। इसके बाद आरोपी ने सरेंडर कर जमीन छोड़ दी। योगी के मुताबिक, इसी स्थान पर आज संस्थान खड़ा है और सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।

यूपी में 12 फॉरेंसिक लैब तैयार, छह पर काम जारी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में फॉरेंसिक सुविधाओं के विस्तार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में केवल एक फॉरेंसिक लैब थी। उनकी सरकार ने सभी 18 रेंज में फॉरेंसिक लैब स्थापित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के अनुसार, अब तक 12 फॉरेंसिक साइंस लैब तैयार हो चुकी हैं, जबकि छह अन्य पर काम चल रहा है। इसके अलावा प्रदेश में 150 से अधिक फॉरेंसिक वैन भी उपलब्ध हैं।

सीएम योगी ने कहा कि फॉरेंसिक सुविधाओं के विस्तार से अपराधों की जांच में वैज्ञानिक साक्ष्यों का उपयोग बढ़ेगा और न्याय मिलने में होने वाली देरी कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि अपराधी कानून की पकड़ से बच न सकें और पीड़ितों को न्याय के लिए वर्षों तक इंतजार न करना पड़े।

50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, यूपी की अर्थव्यवस्था पर जोर

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की आर्थिक स्थिति और निवेश को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रतिभाशाली और ऊर्जावान युवाओं की बड़ी संख्या है तथा करीब 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मौजूद हैं। योगी ने दावा किया कि वर्ष 2017 से पहले बिजली की उपलब्धता में भेदभाव होता था, लेकिन अब सभी को बिजली मिल रही है।

उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य माना जाता था, जबकि अब प्रदेश पिछले सात वर्षों से राजस्व अधिशेष राज्य बना हुआ है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, कानून-व्यवस्था में सुधार, निवेश को बढ़ावा और आधुनिक तकनीकी सुविधाओं का विस्तार उत्तर प्रदेश को विकास के नए रास्ते पर आगे ले जा रहा है।

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Read More Articles

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)