होम सिस्टम और बदहाल व्यवस्था पर जम कर बरसे अधिवक्ता विश्वनाथ चतुर्वेदी ने लगाए गंभीर आरोप
सिस्टम और बदहाल व्यवस्था पर जम कर बरसे अधिवक्ता विश्वनाथ चतुर्वेदी ने लगाए गंभीर आरोप
नई दिल्ली :आय से अधिक संपत्ति मामले मे मुलायम सिंह और अखिलेश यादव के कानून के शिकंजे में आने की संभावना बढ़ी थी, जिस तरह से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विश्वनाथ चतुर्वेदी ने मुलायम सिंह और अखिलेश यादवका पूरा कच्चा चिट्टा अदालत मे खोला था उससे इस परिवार की राजनीती ही संकट मे आ गई थी ।लेकिन एक बार फिर सभी आरोपी लचर क़ानून के चलते बचते नजर आ रहे है सिस्टम और बदहाल व्यवस्था पर अपनी लाचारी और नारजगी जाहिर करते हुए अधिवक्ता विश्वनाथ चतुर्वेदी ने कहा सीबीआई का रुख समझ से परे है। सीबीआई इस रिपोर्ट को झूठा बताकर FIR दर्ज करती है। और कोर्ट में मुलायम परिवार के साथ खड़ी नज़र आती है! मैं इस कोर्ट से उस कोर्ट चक्कर लगाता फिर रहा हूं, कोर्ट ने कहा अभी प्रोटेस्ट पिटिशन सुननी है जबकि सीबीआई द्वारा 2012 की फेक क्लोजर रिपोर्ट सहित प्रोटेस्ट पिटीशन को खुली अदालत में सुन चुकी है क्या कहें? मुलायम-अखिलेश के हाथ कानून से भी लंबे हैं? उन्होने यह भी आरोप लगाया की किस की सह पर तारीखों का सिलसिला हर बार आगे बढ़ जाता है ।
ज्ञात हो की आय से अधिक संपत्ति मामले कोर्ट 24 जनवरी को तय करने वाला था तब इस बात की उम्मीद बढ़ी थी की मुलायम सिंह और अखिलेश यादव परिवार समेत इस शिकंजे मे आ जायगे परन्तु फिर रॉउज़ एवेन्यू कोर्ट,को फर्जी रिपोर्ट मामले में अपना फिर २७ जनवरी को फैसला सुनाना था इसी दिन समाजसेवी एवं सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विश्वनाथ चतुर्वेदी ने ट्वीट कर यह जानकारी दी कि सीबीआई की फ़र्ज़ी रिपोर्ट को प्रचारित कर आय से अधिक संपत्ति मामले को बंद हो चुका बताने वाले मुलायम सिंह और अखिलेश यादव के कानून के शिकंजे में आने की संभावना बढ़ गई है। उन्होंने लिखा है कि जल्दी ही दिल्ली की रॉउज़ एवेन्यू कोर्ट ने मुझे सुनने के बाद इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि आने वाले गुरुवार यानी 27 जनवरी कोर्ट इस मामले में फैसला सुनायेगी। उसी दिन उन्होने इस बात पर निराशा भी जाहिर की और कहा भी था की आज दिल्ली की रॉउज़ एवेन्यू कोर्ट,को फर्जी रिपोर्ट मामले में अपना फैसला सुनाना था, परन्तु अब तक आदेश नही आया है, सबसे बड़ी हैरानी की बात ये है कि देश ,5G की ओर बढ़ रहा और कोर्ट का आर्डर अपलोड नही हो पा रहा है अंत मे उन्होने फैसले की जानकारी देते हुए कहा की कोर्ट ने कहा अभी प्रोटेस्ट पिटिशन सुननी है,आज अब 7 फरवरी को प्रोटेस्ट सुनेंगे। जबकि सीबीआइ द्वारा 2012 की फेक क्लोजर रिपोर्ट सहित प्रोटेस्ट पिटीशन को खुली अदालत में सुनी जा चुकी है ।
अभी हाल ही मे सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता चतुर्वेदी ने अखिलेश का पूरा कच्चा चिट्टा लखनऊ मे खोला था और दावा किया था कि लखनऊ में अखिलेश के परिवार की कुछ बेनामी कम्पनियां हैं। एक ही पत्ते और मोबाइल नंबर पर 16 कंपनियां रजिस्टर्ड है।समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव तथा उनके बेटे एवं पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दायर कराने वाले याचिकाकर्ता ने और वकील विश्वनाथ चतुर्वेदी ने आरोप लगाते हुए कहा कि एक ही पता एक ही मोबाइल नंबर पर 16 कंपनियां चल रही हैं।अधिवक्ता ने सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव के साले अमन सिंह बिष्ट के ऊपर आय से अधिक संपत्ति का आरोप लगाया था अमन बिष्ट पर आरोप है कि उन्होंने एक दर्जन से अधिक फर्जी कंपनी बनाकर करोड़ों के ट्रांजैक्शन किया है। अधिवक्ता विश्वनाथ चतुर्वेदी ने सीबीआई को लिखे पत्र में बताया कि सभी कंपनी एक ही पते 2/11 विराट खंड गोमती नगर के पते पर रजिस्टर है। सीबीआई निदेशक को पत्र लिखकर प्रतीक यादव के साले अमन सिंह बिष्ट और उनकी 1 दर्जन से अधिक कागजी कंपनियों की जांच कराए जाने की की गुज़ारिश की थी । विश्वनाथ चतुर्वेदी ने अर्जी दाखिल कर मुलायम अखिलेश और प्रतीक के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में हुई सीबीआइ जाँच की स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने की मांग भी की है।
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