होम Anti Paper Leak Bill पर Mayawati का बड़ा बयान, बोलीं- सिर्फ कानून नहीं, शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार की भी जरूरत
लोकसभा से एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पारित होने के बाद बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सरकार के इस कदम पर प्रतिक्रिया दी है।
लोकसभा से एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पारित होने के बाद बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सरकार के इस कदम पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या से निपटने के लिए केवल सख्त कानून बनाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक और प्रभावी सुधार भी जरूरी हैं। साथ ही उन्होंने संसद में हुई बहस पर भी सवाल उठाए।
बसपा प्रमुख मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लंबी पोस्ट साझा करते हुए कहा, "देश में पेपर लीक के जघन्य अपराध व उसके कारण नौजवान छात्र-छात्राओं का उनका भविष्य अंधकार होता देख अनेकों द्वारा आत्महत्या जैसी अति-दुखद घटनाओं की रोकथाम की उपाय के रूप में संसद ने एक बार फिर से एक और सख्त सजा के प्रावधान वाला कानून बनाने वाला बिल लोकसभा ने आज अन्ततः पास कर दिया है. लेकिन क्या केवल इससे समस्या का समाधान हो जाएगा, इसकी चिता लोगों में बरकरार है, क्योंकि लोगों को यह आपाधापी/जल्दबाजी में लिया गया एक और कदम ज्यादा लगता है, जबकि अन्य और भी उपायों को तत्काल सख्ती से लागू करना जरूरी है."
मायावती ने कहा कि नया कानून पेपर लीक होने के बाद कड़ी सजा का प्रावधान करता है, लेकिन असली चुनौती इस अपराध को होने से पहले रोकने की है। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण सबसे महत्वपूर्ण है, जबकि अधिकांश मामलों में यह प्रभावी होता नहीं दिख रहा। उन्होंने यह भी कहा कि पहले बनाए गए पेपर लीक कानून की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठ चुके हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पेपर लीक जैसे गंभीर अपराधों पर केवल कठोर कानून बनाना पर्याप्त नहीं है। इसके साथ ही शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार किए जाने चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि शिक्षा के लिए मिलने वाले ऋण को अधिक सस्ता और कल्याणकारी बनाया जाए तथा सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि गरीब, वंचित और मेहनतकश परिवारों के बच्चों को भी समान अवसर मिल सकें।
मायावती ने कहा कि संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर का उद्देश्य सभी नागरिकों को समान अवसर उपलब्ध कराना था, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में यह लक्ष्य पूरी तरह पूरा होता नहीं दिख रहा। उनके अनुसार आर्थिक रूप से सक्षम परिवार अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिला देते हैं, जबकि लाखों प्रतिभाशाली गरीब छात्र संसाधनों की कमी के कारण अपने सपनों को साकार नहीं कर पाते।
बसपा प्रमुख ने संसद में एंटी पेपर लीक बिल पर हुई चर्चा पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि अधिकांश राजनीतिक दल गंभीर चर्चा करने के बजाय एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने में अधिक व्यस्त दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में नए कानून की प्रभावशीलता को लेकर लोगों के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है।
मायावती ने कहा कि केवल नए कानून बनाना इस जटिल समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता। सरकार को कानून के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था में सुधार और अन्य प्रभावी उपायों पर भी गंभीरता से काम करना चाहिए, ताकि देश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित और मजबूत बनाया जा सके।
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