होम शुरू हो गई 3rd वर्ल्ड वॉर की तैयारी, रूस के एयरक्राफ्ट पहुंचे चीन..क्या है माजरा?

प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team Nov 29, 2022 09:17 PM

शुरू हो गई 3rd वर्ल्ड वॉर की तैयारी, रूस के एयरक्राफ्ट पहुंचे चीन..क्या है माजरा?

शुरू हो गई 3rd वर्ल्ड वॉर की तैयारी, रूस के एयरक्राफ्ट पहुंचे चीन..क्या है माजरा?

शुरू हो गई 3rd वर्ल्ड वॉर की तैयारी, रूस के एयरक्राफ्ट पहुंचे चीन..क्या है माजरा?

यूक्रेन में जारी जंग अब तीसरे विश्वयुद्ध (Third world war) की तरफ बढ़ने लगा है. और यह बात क्यों कहा जा रहा है इसके पर्याप्त कारण हैं..दरअसल इस जंग मेंचीनने बैक डोर से एंट्री ले ली है.

जिससे दुनिया के लिए सबसे बड़े खतरे की घंटी बज गई है. कहा जा रहा है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच युद्ध को लेकर एक बड़ी डील हो गई है.

रूस, अमेरिका, ब्रिटेन, नाटो और यूरोपियन यूनियन युद्ध के मैदान में पहले ही उतर चुके हैं. लेकिन अब चीन की इसमें एंट्री के बाद यूक्रेन में जारी जंग के तीसरे विश्वयुद्ध में बदलने की संभावना बढ़ गई है. बताया जा रहा है कि चीन ने जंग में रूस की सहायता करने के लिए डील कर लिया है. यूक्रेनी डिफेंस एक्सप्रेस ने वीडियो जारी कर दावा किया है कि रूस का एक ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट चीन में युद्ध का सामान लेने पहुंचा. यूक्रेन ने ऐलान किया है कि इसी तरह रूस के बड़े बड़े कार्गो प्लेन चीन जा रहे हैं. वहां से जंग लड़ने के लिए गोला, बारूद, मिसाइल और रॉकेट लेकर आ रहे हैं.

रूस के हथियार हुए खत्म, चीन बना साथी

आखिर रूस को चीन से हथियार क्यों लेने पड़ रहे हैं? इसका जवाब ब्रिटिश डिफेंस मिनिस्ट्री की रिपोर्ट से मिल रहा है. ब्रिटेन के मुताबिक, रूस के पास मिसाइलों का जखीरा खत्म हो चुका है. इसीलिए अब पुतिन की आर्मी 1980 की मिसाइलें दाग रही है. रूस चालीस साल पुरानी मिसाइलों से स्ट्राइक कर रहा है, इसका खुलासा यूक्रेन में फटीं रूसी क्रूज मिसाइलों के मलबे से हुआ है. पिछले एक महीने में ऐसी कई वॉर रिपोर्ट आ चुकी हैं, जो ऐलान कर रही हैं कि जंग लड़ने के लिए रूस के पास मिसाइलों का स्टॉक खत्म हो चुका है. यूक्रेन के रक्षा मंत्री का दावा है कि रूस युद्ध में अपनी 80 फीसदी मॉडर्न मिसाइलों को दाग चुका है. अब उसके पास इस्कंदर मिसाइलों का स्टॉक सिर्फ 13 फीसदी ही बचा है.

रूस के सहयोग में नॉर्थ कोरिया भी शामिल

जाहिर है रूस के पास मिसाइलों की कमी हो गई है. और इस बीच आलम यह है कि अंतरराष्ट्रीय पाबंदियों की वजह से पुतिन की पलटन मिसाइलें भी नहीं बना पा रही है. इसीलिए रूस को ईरान से मदद लेनी पड़ रही है. रिपोर्ट्स यह भी कहती है कि नॉर्थ कोरिया भी रूस को मिलिट्री सपोर्ट मुहैया करवा रहा है. दावा है कि रूस के मददगारों में अब चीन भी शामिल हो चुका है. वो चोरी छिपे रूस को युद्ध के सामान सप्लाई कर रहा है, जो बहुत खतरनाक है.

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