होम Mamata Banerjee FIR: साम्प्रदायिक टिप्पणी के आरोप में ममता बनर्जी पर केस, कोलकाता के हेयर स्ट्रीट थाने में दर्ज हुई FIR
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कानूनी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। कोलकाता के हेयर स्ट्रीट थाने में उनके खिलाफ साम्प्रदायिक टिप्पणी से जुड़े आरोपों को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है।
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कानूनी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। कोलकाता के हेयर स्ट्रीट थाने में उनके खिलाफ साम्प्रदायिक टिप्पणी से जुड़े आरोपों को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है। मामला कथित तौर पर धर्मतला क्षेत्र में आयोजित एक धरना कार्यक्रम के दौरान दिए गए भाषण से जुड़ा है, जिसे शिकायतकर्ता ने समाज में वैमनस्य फैलाने वाला और साम्प्रदायिक सौहार्द को प्रभावित करने वाला बताया है।
जानकारी के अनुसार, यह मामला 9 मार्च को कोलकाता के एस्प्लेनेड स्थित धर्म मंच पर आयोजित एक कार्यक्रम से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि इस कार्यक्रम के दौरान ममता बनर्जी ने ऐसा भाषण दिया था जिसे शिकायतकर्ता ने भड़काऊ और सामाजिक तनाव बढ़ाने वाला बताया।
शिकायत में कहा गया है कि भाषण की कुछ टिप्पणियां समाज के विभिन्न वर्गों के बीच मतभेद और अशांति पैदा कर सकती थीं। इसी आधार पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसे बाद में एफआईआर में परिवर्तित कर दिया गया।
मामले की शुरुआत एक कारोबारी द्वारा की गई शिकायत से हुई। शिकायतकर्ता की पहचान तुषार कांति दास के रूप में बताई गई है। उन्होंने आरोप लगाया था कि कार्यक्रम के दौरान दिया गया भाषण सार्वजनिक शांति और सामाजिक सद्भाव के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद इसे औपचारिक एफआईआर के रूप में दर्ज कर लिया है।
कोलकाता के सेंट्रल डिवीजन अंतर्गत आने वाले हेयर स्ट्रीट थाने में यह मामला दर्ज किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एफआईआर संख्या 0106FIR है, जबकि इसका रजिस्ट्रेशन नंबर 32712018260106FIR बताया गया है। रिकॉर्ड के मुताबिक यह एफआईआर 7 जून 2026 को दोपहर 3:45 बजे दर्ज की गई।
ममता बनर्जी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इनमें धारा 196(1) शामिल है, जो धर्म, जाति, भाषा या अन्य आधारों पर नफरत अथवा दुश्मनी को बढ़ावा देने से संबंधित मामलों पर लागू होती है।
इसके अलावा धारा 352 के तहत भी आरोप लगाए गए हैं, जो कथित रूप से जानबूझकर उकसाने या भड़काने से जुड़े मामलों में इस्तेमाल की जाती है। अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
एफआईआर दर्ज होने के बाद राज्य की राजनीति में इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया इस मामले की दिशा तय कर सकती है।
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