होम UP के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका! जून के बिल में देना होगा 10% ज्यादा पैसा, जानिए वजह

प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team May 30, 2026 08:22 PM

UP के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका! जून के बिल में देना होगा 10% ज्यादा पैसा, जानिए वजह

उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है। यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने बिजली बिल पर 10 प्रतिशत फ्यूल सरचार्ज लगाने का फैसला किया है। इसका सीधा असर लाखों घरेलू, कृषि और व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।

UP के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका! जून के बिल में देना होगा 10% ज्यादा पैसा, जानिए वजह

उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है। यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने बिजली बिल पर 10 प्रतिशत फ्यूल सरचार्ज लगाने का फैसला किया है। इसका सीधा असर लाखों घरेलू, कृषि और व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं को जून महीने में आने वाले बिजली बिल में अतिरिक्त राशि का भुगतान करना होगा।

यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब प्रदेश के कई हिस्सों में बिजली कटौती और आपूर्ति संबंधी समस्याओं को लेकर पहले से ही लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।

जून के बिल में देना होगा अतिरिक्त शुल्क

UPPCL के फैसले के अनुसार, बिजली उपभोक्ताओं को जून में मिलने वाले बिल में 10 प्रतिशत अतिरिक्त राशि फ्यूल सरचार्ज के रूप में चुकानी होगी। गर्मी के मौसम में बिजली की खपत बढ़ने के कारण अधिकांश उपभोक्ताओं के बिल पहले से अधिक आ रहे हैं। ऐसे में इस अतिरिक्त शुल्क का असर सीधे उनकी जेब पर पड़ेगा।

घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ किसानों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को भी बढ़े हुए बिल का सामना करना पड़ेगा।

क्या होता है फ्यूल सरचार्ज?

फ्यूल सरचार्ज वह अतिरिक्त शुल्क होता है जिसे बिजली उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले ईंधन, जैसे कोयला, गैस और अन्य संसाधनों की बढ़ी हुई लागत की भरपाई के लिए उपभोक्ताओं से वसूला जाता है।

बिजली कंपनियों का तर्क है कि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण उत्पादन लागत बढ़ जाती है, जिसकी भरपाई फ्यूल सरचार्ज के माध्यम से की जाती है। यूपी पावर कॉरपोरेशन का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में यह सरचार्ज लागू करना आवश्यक हो गया था।

महंगाई के बीच बढ़ी लोगों की चिंता

पहले से बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल की कीमतों और अन्य घरेलू खर्चों से जूझ रहे लोगों के लिए यह फैसला अतिरिक्त आर्थिक बोझ लेकर आया है। कई उपभोक्ता पहले से स्मार्ट मीटर, बिजली कटौती और अनियमित आपूर्ति जैसी समस्याओं को लेकर शिकायतें कर रहे हैं।

ऐसे में 10 प्रतिशत अतिरिक्त सरचार्ज लगाए जाने के बाद उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ सकती हैं मुश्किलें

प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में पहले से ही बिजली आपूर्ति को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। कई क्षेत्रों में लोगों को लंबे समय तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ता है। ऐसे में बढ़ा हुआ फ्यूल सरचार्ज ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए अतिरिक्त परेशानी का कारण बन सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जहां एक ओर बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं, वहीं दूसरी ओर बढ़े हुए बिल उपभोक्ताओं की चिंता और बढ़ा सकते हैं।

पहले भी बढ़ाया जा चुका है सरचार्ज

गौरतलब है कि इससे पहले अप्रैल 2025 में 1.24 प्रतिशत फ्यूल सरचार्ज लगाया गया था। यह वृद्धि लगभग पांच वर्षों के बाद की गई थी और इसे जनवरी 2025 की फ्यूल कॉस्ट के आधार पर तय किया गया था।

इसके बाद फरवरी 2026 में भी 10 प्रतिशत फ्यूल सरचार्ज लागू किया गया था, जिसे उस समय UPPCL का सबसे अधिक सरचार्ज माना गया था। अब महज चार महीने के भीतर एक बार फिर 10 प्रतिशत अतिरिक्त सरचार्ज लगाने से उपभोक्ताओं पर आर्थिक दबाव और बढ़ गया है।

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Read More Articles

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)