होम TMC में बढ़ा अंदरूनी संकट! अभिषेक बनर्जी को कांग्रेस नेता की नसीहत, बोले- आप बड़े नेता हो सकते हैं लेकिन...
पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर बढ़ते असंतोष के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद राशिद अल्वी का बड़ा बयान सामने आया है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर बढ़ते असंतोष के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद राशिद अल्वी का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने एक ओर क्षेत्रीय दलों के भविष्य को लेकर चिंता जताई, वहीं दूसरी ओर टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को भी अप्रत्यक्ष रूप से नसीहत दी। अल्वी ने कहा कि राजनीति में केवल नेतृत्व ही नहीं, बल्कि साथ काम करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं का सम्मान भी बेहद जरूरी होता है।
राशिद अल्वी ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में देश की छोटी और क्षेत्रीय पार्टियों के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो सकता है। उनका दावा है कि भारतीय जनता पार्टी संसद में अपना संख्याबल बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है और विभिन्न दलों के सांसदों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्रीय दल कांग्रेस के साथ मिलकर एक मजबूत विपक्षी मंच तैयार करें, तो भाजपा के लिए उन्हें कमजोर करना आसान नहीं होगा। अल्वी के अनुसार, विपक्षी एकता वर्तमान राजनीतिक दौर की आवश्यकता बन चुकी है।
तृणमूल कांग्रेस और कुछ अन्य क्षेत्रीय दलों के कांग्रेस में संभावित विलय को लेकर चल रही चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए अल्वी ने कहा कि यदि छोटे दल कांग्रेस के साथ आते हैं तो विपक्ष की ताकत और बढ़ सकती है।
उन्होंने तर्क दिया कि अलग-अलग दलों के कुछ सांसद भी कांग्रेस के साथ जुड़ते हैं तो संसद में विपक्ष की स्थिति पहले से अधिक मजबूत हो सकती है और इससे राजनीतिक संतुलन कायम रखने में मदद मिलेगी।
टीएमसी के भीतर चल रहे असंतोष का जिक्र करते हुए राशिद अल्वी ने कहा, "हम आपकी बहुत इज्जत करते हैं. हमेशा आपको सपोर्ट भी करते हैं. लेकिन जिस तरीके से सवाल सांसद उठा रहे हैं, उनके भतीजे (अभिषेक बनर्जी) के बारे में, राजनीति में आदमी इज्जत के लिए आता है. आप बड़े नेता हो सकते हैं लेकिन वो गुलाम नहीं होते. उनकी इज्जत करनी पड़ेगी."
उन्होंने आगे कहा कि राजनीति में नेतृत्व की जिम्मेदारी केवल फैसले लेने तक सीमित नहीं होती, बल्कि संगठन के भीतर सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को सम्मान देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
हाल के दिनों में तृणमूल कांग्रेस के कुछ नेताओं ने अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व और कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। पार्टी के असंतुष्ट नेताओं का आरोप है कि संगठन में फैसले लेने की प्रक्रिया को लेकर असहमति बढ़ रही है।
कुछ नेताओं ने अभिषेक बनर्जी पर 'मनमानी' और 'तानाशाही रवैये' जैसे आरोप भी लगाए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि पार्टी के भीतर असंतोष को समय रहते दूर नहीं किया गया, तो इसका असर भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर पड़ सकता है।
टीएमसी के भीतर जारी खींचतान और विपक्षी दलों की सक्रियता के बीच पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है। आने वाले दिनों में पार्टी नेतृत्व इस असंतोष से कैसे निपटता है, इस पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
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