होम PoK में बवाल: प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग के आरोप, 53 लोगों को गोली लगने का दावा; बढ़ता जा रहा विरोध आंदोलन

समाचारविदेश Alert Star Digital Team Jun 12, 2026 06:09 PM

PoK में बवाल: प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग के आरोप, 53 लोगों को गोली लगने का दावा; बढ़ता जा रहा विरोध आंदोलन

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। रावलकोट समेत कई इलाकों में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों द्वारा गोलीबारी किए जाने के आरोप सामने आए हैं।

PoK में बवाल: प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग के आरोप, 53 लोगों को गोली लगने का दावा; बढ़ता जा रहा विरोध आंदोलन

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। रावलकोट समेत कई इलाकों में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों द्वारा गोलीबारी किए जाने के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय दावों के अनुसार, इंटरनेट प्रतिबंध और कार्रवाई के बावजूद आंदोलन थमता नजर नहीं आ रहा है, बल्कि विरोध प्रदर्शनों में लोगों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।

रावलकोट में हजारों लोग सड़कों पर, फायरिंग के आरोप

रिपोर्टों के मुताबिक रावलकोट के ईदगाह मैदान में बड़ी संख्या में लोग एकत्र होकर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स पर भीड़ पर गोलीबारी करने के आरोप लगाए गए हैं। स्थानीय दावों में कहा गया है कि इस कार्रवाई में 53 लोगों को गोली लगी है।

फायरिंग की खबरों के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और घायलों को इलाज के लिए अस्पतालों में पहुंचाया गया। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

प्रदर्शनकारियों ने पीछे हटने से किया इनकार

विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखेंगे। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए चेतावनी दी है कि उनकी मांगें पूरी होने तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा।

रावलकोट में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी यह संकेत दे रही है कि प्रशासनिक कार्रवाई और प्रतिबंधों के बावजूद आंदोलन का प्रभाव कम नहीं हुआ है।

आखिर क्यों भड़का है आंदोलन?

PoK में पिछले कई दिनों से लोगों द्वारा सस्ती बिजली, सब्सिडी वाले गेहूं और चावल सहित बुनियादी सुविधाओं तथा आर्थिक अधिकारों की मांग को लेकर आंदोलन चलाया जा रहा है।

स्थिति उस समय और अधिक तनावपूर्ण हो गई जब जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) पर प्रतिबंध लगाए जाने की खबर सामने आई। इसके बाद कई कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी और कुछ क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने की भी जानकारी मिली, जिससे लोगों में असंतोष और बढ़ गया।

सरदार अमान खान ने क्या कहा?

आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल सरदार अमान खान ने प्रदर्शन के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए कहा, "पाकिस्तान की फ़ौज का इतिहास है पीओके के कश्मीरियों को मारने का. 1956 में इन्होंने कत्लेआम किया था, 1990 और 1992 में किया था और अभी भी कर रहे है लेकिन पीओके के कश्मीरी पीठ नहीं दिखायेंगे और सीने पर गोली खाएंगे."

उनके इस बयान के बाद आंदोलनकारियों के बीच और अधिक आक्रोश देखने को मिला।

भारत ने जताई कड़ी आपत्ति

भारत ने इस घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भारतीय पक्ष ने इसे गंभीर मानवाधिकार मुद्दा बताते हुए कहा कि यह पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्रों में लोगों के अधिकारों के दमन को दर्शाता है।

भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मामले का संज्ञान लेने और वहां के लोगों के लोकतांत्रिक एवं मानवाधिकारों के सम्मान को सुनिश्चित करने की अपील की है।

क्षेत्रीय स्थिति पर बनी हुई है नजर

PoK में जारी विरोध प्रदर्शन और सुरक्षा बलों की कार्रवाई के आरोपों के बीच क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। आने वाले दिनों में प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव बढ़ने या किसी समाधान की दिशा में बातचीत होने पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Read More Articles

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)