होम गरीबी में फंसे लोगों के लिए मुफ्त की स्कीमें जरूरी, फ्रीबीज पर बोला सुप्रीम कोर्ट; कल भी होगी सुनवाई

प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team Aug 23, 2022 10:11 PM

गरीबी में फंसे लोगों के लिए मुफ्त की स्कीमें जरूरी, फ्रीबीज पर बोला सुप्रीम कोर्ट; कल भी होगी सुनवाई

गरीबी में फंसे लोगों के लिए मुफ्त की स्कीमें जरूरी, फ्रीबीज पर बोला सुप्रीम कोर्ट; कल भी होगी सुनवाई

गरीबी में फंसे लोगों के लिए मुफ्त की स्कीमें जरूरी, फ्रीबीज पर बोला सुप्रीम कोर्ट; कल भी होगी सुनवाई

राजनीतिक दलों की ओर से मुफ्त सुविधाएं देने के वादे पर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत ने कहा कि गरीबी के दलदल में फंसे इंसान के लिए मुफ्त सुविधाएं और चीजें देने वाली स्कीमें महत्वपूर्ण हैं। सवाल यह है कि इस बात का फैसला कौन लेगा कि क्या चीज मुफ्तखोरी के दायरे में आती है और किसे जनकल्याण माना जाएगा? सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम चुनाव आयोग को इस मामले में अतिरिक्त शक्ति नहीं दे सकते। अदालत ने कल भी इस मामले पर सुनवाई करने की बात कही हैअदालत ने कहा कि मुफ्त उपहार एक अहम मुद्दा है और इस पर बहस किए जाने की जरूरत है। CJI एनवी रमना ने कहा, 'मान लीजिए कि अगर केंद्र सरकार ऐसा कानून बनाती है जिसके तहत राज्यों को मुफ्त उपहार देने पर रोक लगा दी जाती है, तो क्या हम यह कह सकते हैं कि ऐसा कानून न्यायिक जांच के लिए नहीं आएगा। ऐसे में हम देश के कल्याण के लिए इस मामले को सुन रहे हैं।'
'कोर्ट के पास आदेश जारी करने की शक्ति लेकिन...'
एससी में इस मामले को लेकर दायर अश्विनी उपाध्याय की अर्जी पर सुनवाई हुई, जिसमें चुनाव में मुफ्त सुविधाओं का वायदा करने वाली राजनीतिक पार्टियो की मान्यता रदद् करने की मांग की गई है। चीफ जस्टिस ने कहा कि कोर्ट के पास आदेश जारी करने की शक्ति है, लेकिन कल को किसी योजना के कल्याणकारी होने पर अदालत में कोई आता है कि यह सही है, ऐसे में यह बहस खड़ी हो जाएगी कि आखिर न्यायपालिका को क्यों इसमें हस्तक्षेप करना चाहिए।

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