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प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team Jan 6, 2022 10:31 PM

यूपी चुनाव में योगी बनाएंगे रिकॉर्ड या दोहराया जाएगा पुराना इतिहास, जानें अब तक के मुख्यमंत्रियों को

यूपी चुनाव में योगी बनाएंगे रिकॉर्ड या दोहराया जाएगा पुराना इतिहास, जानें अब तक के मुख्यमंत्रियों को

यूपी चुनाव में योगी बनाएंगे रिकॉर्ड या दोहराया जाएगा पुराना इतिहास, जानें अब तक के मुख्यमंत्रियों को

उत्तर प्रदेश में विधानसभा के चुनाव होने है। राजनीतिक लिहाज से देखें तो उत्तर प्रदेश अपने आप में बेहद ही दिलचस्प राज्य है। उत्तर प्रदेश ऐसा राज्य है जहां की राजनीतिक परिस्थितियों से ही देश की राजनीति तय होती है। इतना ही नहीं, केंद्र की सत्ता में अगर किसी पार्टी को अपना दबदबा बरकरार रखना है तो उत्तर प्रदेश उसके लिए सबसे बड़ी चुनौती है। वैसे तो उत्तर प्रदेश में अब तक 21 मुख्यमंत्री हो चुके हैं। आजादी के बाद से ही उत्तर प्रदेश हमेशा राजनीति का केंद्र रहा है। जब देश में कांग्रेस का दबदबा था तब उत्तर प्रदेश में भी कांग्रेस की तूती बोलती थी। जब जनता पार्टी आई तो भी उत्तर प्रदेश में हमने बदलाव देखा और भाजपा के वर्चस्व के समय में भी उत्तर प्रदेश पर भगवा का खुमार देखा गया। उत्तर प्रदेश की कमान भाजपा और कांग्रेस जैसी पार्टियों को भी मिल चुकी है जबकि बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी जैसे क्षेत्रीय दलो का दबदबा भी देखने को मिल चुका है। उत्तर प्रदेश हमेशा राजनीति का प्रयोगशाला माना जाता है। वर्तमान में यहां भाजपा का शासन है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं। उन्हीं के नेतृत्व में भाजपा चुनावी मैदान में उतरने वाले हैं। हालांकि अब तक उत्तर प्रदेश में सबसे लंबे समय तक मायावती ही मुख्यमंत्री रही हैं। मायावती ने कुल 7 वर्ष 16 दिन मुख्यमंत्री रही हैं। इसके बाद मुलायम सिंह यादव 6 वर्ष 274 दिन मुख्यमंत्री रहे हैं। सबसे कम समय के लिए त्रिभुवन नारायण सिंह मुख्यमंत्री रहे हैं। वह  167 दिनों के लिए मुख्यमंत्री बने थे।योगी आदित्यनाथ- योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के फिलहाल मुख्यमंत्री हैं। वह भाजपा के कद्दावर नेता भी हैं। योगी आदित्यनाथ की पहचान प्रखर और तेज तर्रार नेता के रूप में होती है। हिंदुत्व को लेकर वह लगातार मुखर रहते हैं। योगी आदित्यनाथ गोरक्षनाथ मंदिर के महंत भी हैं। 19 मार्च 2017 को उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर कमान संभाली। फिलहाल उन्हीं के नेतृत्व में भाजपा चुनावी मैदान में उतरने वाली है। 49 वर्षीय योगी आदित्यनाथ 1998 में पहली बार चुनावी राजनीति में आए। मात्र 26 साल की उम्र में उन्होंने गोरखपुर से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। वह लगातार पांच बार गोरखपुर से सांसद रह चुके हैं। 1998 से लेकर 2017 तक वह सांसद रहे। फिलहाल वह उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य हैं। 

गोविंद बल्लभ पंत- गोविंद बल्लभ पंत को उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री के तौर पर जाना जाता है। उन्होंने 26 जनवरी 1950 से लेकर 27 दिसंबर 1954 तक राज्य का नेतृत्व किया। गोविंद बल्लभ पंत कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे हैं और बरेली से विधानसभा चुनाव जीते थे।

 

संपूर्णानंद- वाराणसी दक्षिण से चुनाव जीतने वाले कांग्रेस के संपूर्णानंद ने 5 वर्ष से 344 दिन तक के राज्य में शासन किया है। संपूर्णानंद 28 दिसंबर 1954 से लेकर 6 दिसंबर 1960 तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे।

 

चंद्र भानु गुप्ता- कांग्रेस के ही चंद्र भानु गुप्ता 7 दिसंबर 1960 से लेकर 1 अक्टूबर 1963 तक राज्य का नेतृत्व किया। वह रानीखेत दक्षिण से चुनकर आए थे। चंद्र भानु गुप्त ने एक बार फिर से 14 मार्च 1967 से लेकर 2 अप्रैल 1967 तक राज्य की कमान संभाली। चंद्र भानु गुप्ता को तीसरी बार 26 फरवरी 1969 से लेकर 17 फरवरी 1970 तक राज्य में मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला। 

सुचेता कृपलानी- देश की पहली महिला मुख्यमंत्री के रूप में सुचेता कृपलानी ने उत्तर प्रदेश की कमान संभाली। 2 अक्टूबर 1963 से लेकर 13 मार्च 1967 तक वह राज्य की मुख्यमंत्री रहीं। 

 

चौधरी चरण सिंह- किसान नेता के तौर पर उत्तर प्रदेश में अपनी अलग पहचान बना चुके चौधरी चरण सिंह छपरौली से जीतकर विधायक बने थे। उन्होंने राज्य में पहली बार गठबंधन सरकार का नेतृत्व किया। भारतीय क्रांति दल के चौधरी चरण सिंह 3 अप्रैल 1967 से लेकर 25 फरवरी 1968 तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे। चौधरी चरण सिंह दूसरी बार 18 फरवरी 1970 से लेकर 1 अक्टूबर 1970 तक मुख्यमंत्री रहे। 

 

त्रिभुवन नारायण सिंह 18 अक्टूबर 1970 से लेकर 3 अप्रैल 1971 तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे। 

 

कमलापति त्रिपाठी- कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे कमलापति त्रिपाठी चंदौली से विधायक थे। 4 अप्रैल 1971 से लेकर 12 जून 1973 तक के राज्य के मुख्यमंत्री रहे। 

हेमवती नंदन बहुगुणा- बारा से चुनाव जीतने वाले कांग्रेस के दिग्गज नेता हेमवती नंदन बहुगुणा ने 8 नवंबर 1973 से लेकर 29 नवंबर 1975 तक राज्य का नेतृत्व किया। 

 

नारायण दत्त तिवारी- नारायण दत्त तिवारी कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे हैं। वह काशीपुर से चुनाव जीते थे। उन्होंने 21 जनवरी 1976 से लेकर 30 अप्रैल 1977 तक राज्य का नेतृत्व किया। बाद में नारायण दत्त तिवारी को फिर मौका मिला। उन्होंने 3 अगस्त 1984 से लेकर 24 सितंबर 1985 तक राज्य का नेतृत्व किया। इसके बाद नारायण दत्त तिवारी ने 25 जून 1988 से लेकर 5 दिसंबर 1989 तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे। 

 

राम नरेश यादव- उत्तर प्रदेश में पहली बार जनता पार्टी की सरकार बनी तो राम नरेश यादव को मुख्यमंत्री बनाया गया। निधौली कला से चुनाव जीतने वाले राम नरेश यादव 23 जून 1977 से लेकर 27 फरवरी 1979 तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे। 

 

बाबू बनारसी दास- हापुड़ से चुनाव जीतने वाले बाबू बनारसी दास ने भी जनता पार्टी की सरकार का नेतृत्व किया। वह 28 फरवरी 1979 से लेकर 17 फरवरी 1980 तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे।

 

इसे भी पढ़ें: सर्वेक्षण तो यूपी में भाजपा की सरकार बनवा रहे हैं, परन्तु हकीकत क्या है?

 

विश्वनाथ प्रताप सिंह- देश के पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह ने भी उत्तर प्रदेश का नेतृत्व किया है। तिंदवारी से चुनाव जीतने वाले विश्वनाथ प्रताप सिंह 9 जून 1980 से लेकर 18 जुलाई 1982 तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे। वह कांग्रेस के उस वक्त दिग्गज नेता थे।

 

श्रीपति मिश्रा- इसौली से चुनाव जीतने वाले श्रीपति मिश्रा ने भी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस सरकार का नेतृत्व किया है। वह 19 जुलाई 1983 से लेकर 2 अगस्त 1984 तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे।

 

वीर बहादुर सिंह- पनियारा से चुनाव जीतने वाले कांग्रेस के वीर बहादुर सिंह 24 सितंबर 1985 से लेकर 24 जून 1988 तक राज्य की कमान संभाली। 

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