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प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team Jul 31, 2026 02:58 PM

भदोही का नाम फिर से संत रविदास नगर किए जाने के फैसले का बसपा प्रमुख ने किया स्वागत, सपा सरकार पर लगाए जातिवादी राजनीति के आरोप

उत्तर प्रदेश की राजनीति में जिलों के नाम बदलने का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने योगी आदित्यनाथ सरकार के उस फैसले का स्वागत किया है,

भदोही का नाम फिर से संत रविदास नगर किए जाने के फैसले का बसपा प्रमुख ने किया स्वागत, सपा सरकार पर लगाए जातिवादी राजनीति के आरोप

उत्तर प्रदेश की राजनीति में जिलों के नाम बदलने का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने योगी आदित्यनाथ सरकार के उस फैसले का स्वागत किया है, जिसमें भदोही जिले का नाम दोबारा संत रविदास नगर किए जाने की घोषणा की गई है। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी पर भी तीखा हमला बोला और कई अन्य जिलों के पुराने नाम बहाल करने की मांग की।

मायावती ने अपने बयान में कहा कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार वर्तमान उत्तर प्रदेश सरकार ने बसपा शासनकाल में बनाए गए संत रविदास नगर जिले का नाम फिर से बहाल किया है। उन्होंने कहा कि बसपा सरकार ने भदोही को जिला मुख्यालय का दर्जा देते हुए उसका नाम संत रविदास नगर रखा था, लेकिन बाद में समाजवादी पार्टी की सरकार ने इसे बदल दिया था। इस फैसले के लिए उन्होंने राज्य सरकार के प्रति आभार भी व्यक्त किया।

बसपा प्रमुख ने कहा कि उनके कार्यकाल में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और जनहित को ध्यान में रखते हुए कई नए जिले, तहसील, विकास खंड, पुलिस जोन और रेंज बनाए गए थे। उन्होंने बताया कि इनमें से कई जिलों का नाम दलित और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के महान संतों, गुरुओं और महापुरुषों के सम्मान में रखा गया था। उनके अनुसार, संत रविदास नगर, छत्रपति शाहूजी महाराज नगर और भीम नगर जैसे जिलों के नाम समाजवादी पार्टी की सरकार ने अपनी जातिवादी सोच, द्वेष और संकीर्ण राजनीति के कारण बदल दिए, जिसे जनता कभी नहीं भूलेगी।

कांशीराम के नाम वाले जिले का नाम बहाल करने की भी मांग

मायावती ने अपने बयान में यह भी कहा कि ब्रज क्षेत्र के कासगंज इलाके के समुचित विकास के लिए बसपा सरकार ने उसे जिला मुख्यालय का दर्जा देते हुए मान्यवर कांशीराम के नाम पर नया जिला बनाया था। उनका आरोप है कि समाजवादी पार्टी सरकार ने अपने पीडीए, पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक विरोधी रवैये के चलते उस जिले का नाम भी बदल दिया।

बसपा अध्यक्ष ने राज्य सरकार से आग्रह किया कि जिस तरह संत रविदास नगर का नाम बहाल किया गया है, उसी प्रकार मान्यवर कांशीराम और अन्य महापुरुषों के नाम पर बनाए गए जिलों के मूल नाम भी पुनः बहाल किए जाएं। उन्होंने कहा कि यदि यह निर्णय 9 अक्टूबर, मान्यवर कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस से पहले या उसी दिन लिया जाता है, तो बसपा इसके लिए राज्य सरकार की आभारी रहेगी।

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