होम UPI Users के लिए बड़ी खबर! अब पेमेंट पर नहीं लगेगा Extra Charge, जानें सरकार ने क्या किया साफ
अगर आप रोजमर्रा की खरीदारी और छोटे-बड़े भुगतान के लिए UPI का इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए राहत की खबर है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आम नागरिकों की ओर से किए जाने वाले ज्यादातर UPI लेनदेन पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाया जाएगा।
अगर आप रोजमर्रा की खरीदारी और छोटे-बड़े भुगतान के लिए UPI का इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए राहत की खबर है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आम नागरिकों की ओर से किए जाने वाले ज्यादातर UPI लेनदेन पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाया जाएगा। इसके अलावा छोटे कारोबारियों से भी सामान्य UPI लेनदेन पर Merchant Discount Rate यानी MDR वसूलने की व्यवस्था नहीं होगी। इसका मतलब है कि ग्राहकों और छोटे दुकानदारों पर डिजिटल पेमेंट की अतिरिक्त फीस का बोझ नहीं पड़ेगा।
UPI के जरिए पेमेंट करना पहले की तरह आसान और किफायती बना रहेगा। हालांकि, सरकार ने भविष्य में बड़े मर्चेंट लेनदेन पर निर्धारित सीमा से अधिक कारोबार होने की स्थिति में MDR लागू किए जाने की संभावना का प्रावधान रखा है।
सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक आम नागरिकों द्वारा UPI से किए जाने वाले पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं लगाया जाएगा। एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के बैंक खाते में पैसे भेजने की सुविधा भी पहले की तरह फ्री रहेगी।
इसी तरह अधिकांश छोटे और सामान्य व्यापारियों से UPI लेनदेन पर MDR यानी Merchant Discount Rate नहीं लिया जाएगा। ऐसे में सामान्य खरीदारी के लिए UPI का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों और छोटे दुकानदारों को सीधे तौर पर अतिरिक्त शुल्क देने की जरूरत नहीं होगी।
संसद के मानसून सत्र में ‘कराधान और अन्य कानून (संशोधन) विधेयक 2026’ पेश किया गया था। इसके तहत Payment and Settlement Systems Act, 2007 की धारा 10A में बदलाव करने का प्रस्ताव है।
सरकार के मुताबिक इस संशोधन को आम लोगों पर UPI चार्ज लगाने के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। इसका उद्देश्य भुगतान प्रणाली के भविष्य के विस्तार और उसे लंबे समय तक मजबूत बनाए रखने के लिए एक टिकाऊ व्यवस्था तैयार करना है।
PIB की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार भविष्य में अगर MDR लागू किया जाता है तो इसका दायरा निर्धारित सीमा से अधिक कारोबार करने वाले बड़े मर्चेंट लेनदेन तक सीमित रहेगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित शुल्क डेबिट या क्रेडिट कार्ड से जुड़े MDR की तुलना में काफी कम होगा।
कानून में बदलाव के बाद MDR कब लागू किया जाए और इसकी दर कितनी हो, इसका फैसला NPCI की ‘UPI and Services Steering Committee’ करेगी। यानी हर UPI ट्रांजैक्शन पर अपने आप कोई नया चार्ज लागू नहीं हो जाएगा।
UPI के इस्तेमाल को लेकर देश में करोड़ों लोग और कारोबारी जुड़े हुए हैं। इतने बड़े डिजिटल पेमेंट नेटवर्क को सुरक्षित रखने के लिए साइबर सिक्योरिटी, फ्रॉड रोकने वाली तकनीक और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार निवेश की जरूरत होती है।
सरकार का तर्क है कि भुगतान प्रणाली को भविष्य में और ज्यादा मजबूत बनाने तथा इसमें प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए कंपनियों के पास टिकाऊ और आत्मनिर्भर रेवेन्यू मॉडल होना जरूरी है। UPI के अगले चरण के विस्तार के लिए लंबे समय तक केवल सरकारी सब्सिडी पर निर्भर रहना व्यावहारिक नहीं माना जा रहा है।
इसलिए प्रस्तावित बदलाव को आम UPI यूजर्स पर सीधे शुल्क लगाने के कदम के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। फिलहाल आम नागरिकों और अधिकांश छोटे कारोबारियों के लिए UPI पेमेंट पर अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा।
UPI की लोकप्रियता का अंदाजा इसके हालिया आंकड़ों से लगाया जा सकता है। जुलाई 2026 में UPI के जरिए करीब 2,366 करोड़ लेनदेन किए गए। इन सभी ट्रांजैक्शन की कुल वैल्यू लगभग 29.9 लाख करोड़ रुपये रही।
UPI अब दुनिया के सबसे बड़े रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम में शामिल है और इसकी सुविधा भारत के अलावा 11 देशों में भी लाइव हो चुकी है। ऐसे में विदेश यात्रा के दौरान भी कुछ देशों में भारतीय यूजर्स UPI के जरिए भुगतान की सुविधा का इस्तेमाल कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, फिलहाल आम UPI यूजर्स के लिए राहत यही है कि रोजमर्रा के डिजिटल पेमेंट पर कोई नया अतिरिक्त चार्ज नहीं लगाया जा रहा है। भविष्य में MDR से जुड़ा कोई बदलाव मुख्य रूप से निर्धारित सीमा से अधिक कारोबार करने वाले बड़े मर्चेंट लेनदेन के लिए किया जा सकता है।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।