होम पंचायत चुनाव से पहले बड़ा अपडेट, यूपी में वोटिंग के लिए आएंगे 4 रंग के बैलेट पेपर, जानिए किस रंग से किसे देंगे वोट
उत्तर प्रदेश में त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है और चुनाव टलने की संभावना भी जताई जा रही है, फिर भी प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेजी से जारी हैं। चुनाव प्रक्रिया के तहत मतपत्रों की छपाई शुरू हो चुकी है और इन्हें जिलों तक भेजा भी जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है और चुनाव टलने की संभावना भी जताई जा रही है, फिर भी प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेजी से जारी हैं। चुनाव प्रक्रिया के तहत मतपत्रों की छपाई शुरू हो चुकी है और इन्हें जिलों तक भेजा भी जा रहा है। ग्राम पंचायत से लेकर जिला पंचायत तक मतदान के लिए चार अलग-अलग रंगों के बैलेट पेपर तैयार किए गए हैं ताकि मतदान प्रक्रिया आसान और व्यवस्थित रह सके।
इस बार पंचायत चुनाव में अलग-अलग पदों के लिए अलग रंग के बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे मतदान कर्मियों और मतदाताओं को पहचान में सुविधा मिलेगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य मतदान के दौरान भ्रम कम करना और मतगणना के समय पदवार मतपत्रों को अलग करने की प्रक्रिया को सरल बनाना है।
उत्तर प्रदेश में 58 हजार से अधिक ग्राम पंचायतें हैं। चुनाव के जरिए करीब आठ लाख ग्राम पंचायत सदस्य चुने जाएंगे। इसके अलावा 75 हजार से ज्यादा क्षेत्र पंचायत सदस्य और लगभग तीन हजार जिला पंचायत सदस्य भी निर्वाचित होंगे।
पिछले पंचायत चुनाव के आधार पर ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त होगा। वहीं जिला पंचायत सदस्यों का कार्यकाल 11 जुलाई 2026 और क्षेत्र पंचायत सदस्यों का कार्यकाल 19 जुलाई 2026 तक पूरा हो जाएगा। इसी वजह से चुनावी प्रक्रिया को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
पंचायत चुनाव की तारीख घोषित न होने की बड़ी वजह पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन लंबित होना माना जा रहा है। आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हो सकी है। सरकार ने हाईकोर्ट में हलफनामा देकर आयोग गठन का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस प्रगति की जानकारी सामने नहीं आई है, जिससे चुनाव टलने की संभावना बढ़ गई है।
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