होम जमीन खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर, यूपी में रजिस्ट्री से पहले होगी सख्त जांच, योगी सरकार बदलने जा रही कानून
उत्तर प्रदेश में जमीन और संपत्ति से जुड़े बढ़ते विवादों को रोकने के लिए योगी सरकार बड़ा कानूनी बदलाव करने जा रही है। राज्य सरकार रजिस्ट्रीकरण अधिनियम में संशोधन कर संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की तैयारी कर रही है।
उत्तर प्रदेश में जमीन और संपत्ति से जुड़े बढ़ते विवादों को रोकने के लिए योगी सरकार बड़ा कानूनी बदलाव करने जा रही है। राज्य सरकार रजिस्ट्रीकरण अधिनियम में संशोधन कर संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित व्यवस्था लागू होने के बाद किसी भी संपत्ति की रजिस्ट्री से पहले खतौनी और स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों की अनिवार्य जांच की जाएगी।
सरकार का दावा है कि इससे अवैध और विवादित संपत्तियों की खरीद-बिक्री पर रोक लगेगी और आम लोगों को लंबे मुकदमों से राहत मिलेगी।
वर्तमान व्यवस्था में कई मामलों में ऐसे लोगों द्वारा जमीन बेचे जाने के उदाहरण सामने आते हैं जिनका उस संपत्ति पर वैध अधिकार नहीं होता। इसके अलावा प्रतिबंधित जमीन, कुर्क संपत्तियों या सरकारी जमीनों की भी रजिस्ट्री हो जाती है, जिससे बाद में कानूनी विवाद खड़े हो जाते हैं।
सरकार के अनुसार रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1908 की धारा 35 के तहत उपनिबंधक के पास दस्तावेज पंजीकरण से इनकार करने के सीमित अधिकार हैं, जिसके कारण विवादित संपत्तियों की रजिस्ट्री रोकना मुश्किल हो जाता है।
इन समस्याओं को दूर करने के लिए सरकार अधिनियम में नई धाराएं जोड़ने की तैयारी कर रही है। प्रस्ताव के मुताबिक धारा 22 और 35 के बाद नई धारा 22-ए, 22-बी और 35-ए शामिल की जाएंगी।
यदि निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए तो पंजीकरण अधिकारी को रजिस्ट्री से इनकार करने का अधिकार मिलेगा।
सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने से फर्जी या अवैध संपत्तियों की रजिस्ट्री रुक सकेगी। इससे आम नागरिकों को धोखाधड़ी, मुकदमेबाजी और आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकेगा।
प्रस्तावित संशोधन भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची की समवर्ती सूची की प्रविष्टि 6 के अंतर्गत लाया जा रहा है। मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिलने के बाद सरकार संबंधित विधेयक को विधानमंडल में पेश करेगी और स्वीकृति मिलने के बाद इसे लागू किया जाएगा।
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