होम Uttarakhand में CM धामी के 7 बड़े ऐलान! Youth Commission से Industrial Park तक, जानें Independence Day पर क्या मिला
उत्तराखंड में स्वतंत्रता दिवस 2026 के राज्य स्तरीय समारोह के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विकास, रोजगार और जनकल्याण से जुड़े कई बड़े फैसलों की घोषणा की।
उत्तराखंड में स्वतंत्रता दिवस 2026 के राज्य स्तरीय समारोह के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विकास, रोजगार और जनकल्याण से जुड़े कई बड़े फैसलों की घोषणा की। देहरादून के परेड ग्राउंड में ध्वजारोहण के बाद मुख्यमंत्री ने अमर शहीदों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, सैनिकों और राज्य आंदोलनकारियों को नमन किया और सरकार की आगामी प्राथमिकताओं का खाका सामने रखा।
मुख्यमंत्री के संबोधन में युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार, उद्योग, सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास, महिला सशक्तिकरण, किसान कल्याण और बुनियादी ढांचे जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। इसी दौरान उन्होंने सात बड़ी घोषणाएं कीं, जिनमें पहाड़ी जिलों में विशेष औद्योगिक पार्क, प्रदेश में पहली बार युवा आयोग और 18 से 30 वर्ष के युवाओं के लिए नई स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजना शामिल है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल में उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में आई प्राकृतिक आपदाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस मुश्किल समय में सरकार उनके साथ खड़ी है।
उन्होंने बताया कि राहत और बचाव कार्यों के साथ-साथ आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, पुल, पेयजल और बिजली जैसी जरूरी सुविधाओं को जल्द बहाल करने पर सरकार का फोकस है। घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने तथा जिन परिवारों ने अपने घर या आजीविका खोई है, उन्हें आवश्यक सहायता देने को भी प्राथमिकता बताया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2035 तक विकसित उत्तराखंड बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए सड़क, रेल और रोपवे कनेक्टिविटी के विस्तार को महत्वपूर्ण आधार बताया गया।
उन्होंने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और विभिन्न रोपवे परियोजनाओं का उल्लेख किया। इसके अलावा जमरानी, लखवाड़, किशाऊ और सौंग बांध परियोजनाओं को लेकर भी काम आगे बढ़ने की जानकारी दी गई।
धामी ने धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए केदारनाथ और बदरीनाथ पुनर्निर्माण, केदारखंड-मानसखंड मंदिर माला मिशन, ऋषिकेश-हरिद्वार कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर, हरिपुर यमुना तीर्थ पुनर्विकास और शीतकालीन यात्रा जैसी योजनाओं का जिक्र किया।
मुख्यमंत्री के अनुसार उत्तराखंड अब धार्मिक पर्यटन के साथ Wellness, Adventure, Film Shooting और Wedding Destination के रूप में भी अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं को रोजगार तलाशने वाले के बजाय रोजगार पैदा करने वाला बनाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि स्टार्टअप और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए इन्क्यूबेशन सेंटरों के साथ 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की व्यवस्था की गई है।
स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए होम-स्टे तथा मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना जैसी पहलों का भी उल्लेख किया गया।
सरकारी विद्यालयों में कक्षा 11वीं और 12वीं के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग देने के लिए ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ संचालित की जा रही है। पहले चरण में 10 हजार विद्यार्थियों को इसका लाभ देने और इसके लिए 7 करोड़ रुपये की व्यवस्था किए जाने की जानकारी दी गई।
मुख्यमंत्री ने 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों के प्रदर्शन का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर राज्य का गौरव बढ़ाया है।
स्पोर्ट्स लीगेसी प्लान के तहत आठ शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित करने की योजना है। इसके साथ ही महिला स्पोर्ट्स कॉलेज और खेल विश्वविद्यालय के निर्माण पर भी काम चल रहा है।
महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बताया कि लखपति दीदी योजना के तहत तीन लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। महिला स्वयं सहायता समूहों को पांच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण दिए जाने की बात भी कही गई।
किसानों के लिए तीन लाख रुपये तक ब्याजमुक्त ऋण, कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी और निःशुल्क नहर सिंचाई जैसी सुविधाओं का भी मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की पहली विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति लागू किए जाने की जानकारी दी। देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी के निर्माण के अलावा साइंस एंड इनोवेशन सेंटर, लैब्स ऑन व्हील्स, डिजिटल लाइब्रेरी, पेटेंट इन्फॉर्मेशन सेंटर और STEM Labs जैसी पहलों का भी उल्लेख किया गया।
धामी ने राज्य की अर्थव्यवस्था से जुड़े आंकड़े भी साझा किए। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि प्रतिव्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राज्य का बजट एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है और पिछले पांच वर्षों में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित होने का दावा किया गया।
पहाड़ी जिलों में उद्योग और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के लिए चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक पार्क स्थापित किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाने के साथ युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार और कारोबार के अवसर उपलब्ध कराना है।
उत्तराखंड में पहली बार युवा आयोग के गठन की घोषणा की गई है। यह आयोग युवाओं की शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार, कौशल विकास और उनसे जुड़े अन्य मुद्दों के लिए एक संस्थागत मंच के रूप में काम करेगा।
सीमावर्ती गांवों के युवाओं के अलावा पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को स्वरोजगार एवं उद्यम शुरू करने के लिए अतिरिक्त सहायता और प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसके पीछे सीमावर्ती क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने और युवाओं के पलायन को रोकने का लक्ष्य बताया गया है।
सरकार वर्ग-3 और वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण की समय-सीमा बढ़ाने की दिशा में फैसला करेगी। इसका उद्देश्य पात्र लोगों को नियमों के अनुसार भूमिधरी अधिकार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्य सरकार की ओर से दिए जाने वाले राज्यांश को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये किया जाएगा। यानी पात्र लाभार्थियों को राज्य सरकार की तरफ से पहले की तुलना में 25 हजार रुपये अतिरिक्त सहायता मिलेगी।
18 से 30 वर्ष की उम्र के युवाओं के लिए ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजना’ शुरू की जाएगी। इसके तहत IIT और IIM जैसे संस्थानों के सहयोग से युवाओं को निःशुल्क उद्यमिता और कौशल प्रशिक्षण देने की बात कही गई है।
योजना का महत्वपूर्ण प्रावधान यह है कि उद्यम शुरू करने के लिए बैंक से लिए जाने वाले ऋण की 30 प्रतिशत राशि सरकार अनुदान के रूप में देगी। इससे कारोबार शुरू करने वाले युवाओं पर शुरुआती वित्तीय बोझ कम करने में मदद मिलेगी।
उत्तराखंड में साहस और बहादुरी का प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित करने के लिए इसी वर्ष से ‘बाल वीरता पुरस्कार’ शुरू किया जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों में साहस, जिम्मेदारी और समाज के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना है।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड को देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि बताते हुए सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए सरकार की ओर से किए गए फैसलों का भी उल्लेख किया।
बलिदानियों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया गया है। परमवीर चक्र विजेताओं के परिवारों के लिए यह राशि 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये कर दी गई है।
इसके अलावा प्रत्येक बलिदानी परिवार के एक सदस्य को सरकारी सेवा में समायोजित करने और सेवारत एवं पूर्व सैनिकों को 25 लाख रुपये तक की संपत्ति खरीद पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत छूट दिए जाने की जानकारी भी मुख्यमंत्री ने दी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार ऐसा उत्तराखंड बनाने की दिशा में काम कर रही है, जहां विकास के साथ राज्य की विरासत और संस्कृति सुरक्षित रहे, रोजगार बढ़े और पलायन की समस्या का समाधान हो।
उन्होंने समान नागरिक संहिता, सख्त भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगारोधी कानून और नकल विरोधी कानून जैसे फैसलों का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी दी गई है।
स्वतंत्रता दिवस पर घोषित सात फैसलों में उद्योग, युवा, स्वरोजगार, भूमि अधिकार, आवास और सामाजिक सम्मान जैसे अलग-अलग क्षेत्र शामिल हैं। अब इन घोषणाओं का वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि सरकार इन्हें जमीन पर कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से लागू करती है।
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