होम UP के किसानों के लिए बड़ी राहत, 12 अक्टूबर तक होगा फसल नुकसान का डिजिटल सर्वे; ऐसे तय होगी मुआवजे की रकम

प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team Oct 7, 2026 12:49 PM

UP के किसानों के लिए बड़ी राहत, 12 अक्टूबर तक होगा फसल नुकसान का डिजिटल सर्वे; ऐसे तय होगी मुआवजे की रकम

चक्रवात, अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने फसल क्षति का तेजी से और पारदर्शी आकलन कराने के निर्देश दिए हैं।

UP के किसानों के लिए बड़ी राहत, 12 अक्टूबर तक होगा फसल नुकसान का डिजिटल सर्वे; ऐसे तय होगी मुआवजे की रकम

चक्रवात, अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने फसल क्षति का तेजी से और पारदर्शी आकलन कराने के निर्देश दिए हैं। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों और अपर जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में अधिकारियों को 12 अक्टूबर तक राहत पोर्टल पर डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर फसल क्षति की फीडिंग पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

इसके बाद पात्र किसानों को फसल को हुए नुकसान के आधार पर नियमानुसार सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। राहत आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि किसान हित सर्वोपरि है और किसी भी प्रभावित किसान के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।

सिर्फ लेखपाल और कानूनगो की रिपोर्ट पर नहीं होगा फैसला

राहत आयुक्त ने कहा कि फसल क्षति का आकलन केवल लेखपाल और कानूनगो की रिपोर्ट के आधार पर नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी और अपर जिलाधिकारी स्वयं प्रभावित क्षेत्रों में जाकर सर्वे की स्थिति का जायजा लेंगे और सर्वे की गुणवत्ता के साथ-साथ उसकी पारदर्शिता भी सुनिश्चित करेंगे।

सरकार का जोर इस बात पर है कि वास्तविक नुकसान का सही आकलन हो और पात्र किसानों तक राहत राशि पहुंचाने में किसी तरह की गड़बड़ी न हो।

Digital Crop Survey से पता चलेगा फसल का वास्तविक नुकसान

बाढ़ के पानी में डूबी फसलों का डिजिटल क्रॉप सर्वे कराया जाएगा। इसके जरिए खेतों में हुई वास्तविक फसल क्षति का अधिक सटीक आकलन करने में मदद मिलेगी। डिजिटल सर्वे से प्राप्त जानकारी के आधार पर पात्र किसानों को उनकी फसल के नुकसान के अनुसार नियमानुसार सहायता राशि दी जाएगी।

इसके अलावा उप जिलाधिकारी और तहसीलदार डिजिटल क्रॉप सर्वे का क्रॉस-वेरिफिकेशन भी करेंगे, ताकि सर्वे में दर्ज आंकड़ों की जांच की जा सके।

IMD और AWS-ARG के आंकड़ों से तय होगी बारिश की वास्तविक स्थिति

फसल क्षति के आकलन को अधिक वैज्ञानिक और तथ्यपरक बनाने के लिए भारतीय मौसम विभाग यानी IMD और AWS-ARG की रिपोर्ट तथा आंकड़ों का इस्तेमाल किया जाएगा। इन आंकड़ों से प्रभावित क्षेत्रों में वास्तव में हुई बारिश की स्थिति का आकलन किया जाएगा।

वास्तविक वर्षा के आंकड़ों और डिजिटल क्रॉप सर्वे से प्राप्त जानकारी को आधार बनाकर फसल नुकसान का निर्धारण किया जाएगा। इससे राहत प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।

12 अक्टूबर तक पूरी करनी होगी फसल क्षति की फीडिंग

राहत आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि हर स्थिति में 12 अक्टूबर तक राहत पोर्टल पर डिजिटल क्रॉप सर्वे के अनुसार फसल क्षति की फीडिंग पूरी कर ली जाए। जिलों में सर्वे की प्रगति की जानकारी प्रतिदिन गूगल शीट और पोर्टल पर दर्ज करनी होगी।

राहत के लिए बजट की मांग भी पोर्टल पर दर्ज वास्तविक आंकड़ों के आधार पर ही की जाएगी। फसल सर्वे शुरू करने से पहले संबंधित खसरा और अन्य राजस्व अभिलेखों की भी जांच होगी। इससे पिछले वर्ष बोई गई फसल की जानकारी प्राप्त करने के साथ वर्तमान फसल और उसे हुई क्षति का सही आकलन करने में मदद मिलेगी।

बाढ़ के साथ बारिश और चक्रवात से हुए नुकसान की भी होगी गणना

सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल बाढ़ से हुई फसल क्षति को ही दर्ज नहीं किया जाएगा। भारी बारिश और चक्रवात के प्रभाव से फसलों को हुए नुकसान की भी गणना की जाएगी।

संबंधित जिलों को निर्धारित गूगल शीट में इन सभी आंकड़ों को अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा। यदि आंकड़ों में किसी तरह की भिन्नता सामने आती है तो संबंधित अधिकारी को उसका स्पष्ट कारण भी बताना होगा।

किसान हित को सर्वोच्च प्राथमिकता

योगी सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि राहत और सहायता वितरण की पूरी प्रक्रिया में तेजी, पारदर्शिता और संवेदनशीलता बनाए रखी जाए। प्रभावित किसानों को समय पर नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता बताई गई है।

राहत आयुक्त ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि आमजन के जीवन की आधारशिला हैं। इसलिए सभी अधिकारी किसान हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी संवेदनशीलता के साथ काम करें।

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