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समाचारदेशविचारकानून Alert Star Digital Team Oct 27, 2025 05:38 PM

Supreme Court on Stray Dogs Case: सुप्रीम कोर्ट का राज्यों पर सख्त रुख, आवारा कुत्तों के मामलों पर जताई कड़ी नाराजगी

देशभर में आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों की लापरवाही पर नाराजगी जताई है. कोर्ट ने कहा कि अगस्त से अब तक दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन ज्यादातर राज्यों ने हलफनामा दाखिल नहीं किया है.

Supreme Court on Stray Dogs Case: सुप्रीम कोर्ट का राज्यों पर सख्त रुख, आवारा कुत्तों के मामलों पर जताई कड़ी नाराजगी

Supreme Court on Stray Dogs Case: देशभर में आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों की लापरवाही पर नाराजगी जताई है. कोर्ट ने कहा कि अगस्त से अब तक दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन ज्यादातर राज्यों ने हलफनामा दाखिल नहीं किया है. अदालत ने साफ कहा कि लगातार हो रही घटनाएं देश की छवि को नुकसान पहुंचा रही हैं. अब सुप्रीम कोर्ट ने 3 नवंबर को सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को तलब किया है. हालांकि पश्चिम बंगाल और तेलंगाना को छूट दी गई है क्योंकि उन्होंने पहले ही हलफनामा दाखिल कर दिया है.

‘बच्चों पर हो रहे हमले देश की छवि खराब कर रहे हैं’

सुप्रीम कोर्ट की बेंच — जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन.वी. अंजारिया — ने सुनवाई के दौरान कहा कि अगस्त में दिए गए आदेश के बावजूद राज्यों ने कोई जवाब दाखिल नहीं किया. कोर्ट ने कहा,

“अब तक बच्चों पर आवारा कुत्तों के हमलों के कई मामले सामने आ चुके हैं. ये घटनाएं देश की छवि को खराब कर रही हैं. दो महीने हो गए, आपने अभी तक हलफनामा दाखिल नहीं किया है.”

बेंच ने कहा कि सिर्फ पश्चिम बंगाल और तेलंगाना को छोड़कर बाकी सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश कोर्ट के आदेश का पालन करने में नाकाम रहे हैं.

दिल्ली-एनसीआर से लेकर पूरे देश तक बढ़ाया गया मामला

सुप्रीम कोर्ट ने 22 अगस्त को अपने आदेश में आवारा कुत्तों के मामले का दायरा दिल्ली-एनसीआर से बढ़ाकर पूरे देश तक कर दिया था. कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस मामले में पक्षकार बनाते हुए निर्देश दिया था कि आवारा कुत्तों को स्टरलाइज और वैक्सिनेट किया जाए, और फिर उन्हें उनके इलाके में वापस छोड़ा जाए.

कोर्ट ने कहा – पालन न करने पर कार्रवाई तय

जस्टिस विक्रम नाथ की बेंच ने कहा कि 22 अगस्त के आदेश में सब कुछ स्पष्ट किया गया था, फिर भी राज्यों ने अब तक कोई अनुपालन रिपोर्ट दाखिल नहीं की. कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगली सुनवाई में अगर हलफनामा दाखिल नहीं हुआ, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी.

पिछले दिनों बढ़े हमलों के मामले

अदालत ने यह भी कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में महाराष्ट्र के पुणे, नागपुर और भंडारा में बच्चों पर कुत्तों के हमले हुए हैं, जो बेहद चिंता का विषय है. कोर्ट ने कहा कि सरकारों को अब गंभीरता दिखानी होगी, वरना ऐसी घटनाओं से जनता में भय और असंतोष दोनों बढ़ेंगे.

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