होम लखनऊ में SP की बाटी-चोखा पॉलिटिक्स, नए साल पर अखिलेश यादव का शक्ति प्रदर्शन, BJP के नाराज विधायकों पर कसा तंज
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नए साल (1 जनवरी) का आगाज समाजवादी पार्टी (SP) ने देसी अंदाज में बाटी-चोखा पार्टी के साथ किया। सपा मुख्यालय पर आयोजित इस कार्यक्रम में पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत प्रदेश भर से आए वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नए साल (1 जनवरी) का आगाज समाजवादी पार्टी (SP) ने देसी अंदाज में 'बाटी-चोखा' पार्टी के साथ किया। सपा मुख्यालय पर आयोजित इस कार्यक्रम में पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत प्रदेश भर से आए वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा। इस दौरान खुशियों और शुभकामनाओं के बीच अखिलेश यादव ने अपने विरोधियों, खासकर बीजेपी पर तीखे सियासी तीर भी छोड़े।
हाल ही में बीजेपी के कुछ (ब्राह्मण) विधायकों द्वारा अलग से सहभोज या बैठकें करने की खबरों पर अखिलेश यादव ने चुटकी ली। उन्होंने बाटी-चोखा खाते हुए तंजिया लहजे में कहा:
"हम सभी लोग मिलजुल कर खाते हैं. अभी वो विधायक बैठे-बैठे खा रहे हैं, अगर सरकार के खिलाफ खड़े हो गए तो क्या होगा."
अखिलेश का इशारा साफ तौर पर बीजेपी के भीतर चल रही कथित नाराजगी और गुटबाजी की तरफ था।
अखिलेश यादव ने इस आयोजन को पार्टी की 'साझा संस्कृति' का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, "हमारे यहां जो मिलजुल कर रहने की संस्कृति रही है, इसी तरह हम एक दूसरे का सम्मान करते हैं." राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि सपा ने यह आयोजन बीजेपी के जाति-आधारित सम्मेलनों या सहभोजों के जवाब में किया है, ताकि यह संदेश दिया जा सके कि सपा में जाति या वर्ग का भेद नहीं है।
सपा कार्यालय में सीनियर नेताओं और कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ को आगामी चुनावों के लिए एक शक्ति प्रदर्शन और 'वार्म-अप' माना जा रहा है। बाटी-चोखा के बहाने अखिलेश ने कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और बीजेपी के असंतुष्ट खेमे को हवा देने की कोशिश की है।
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