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प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेशयूथनौकरियां Alert Star Digital Team Dec 31, 2025 05:55 PM

यूपी में सरकारी भर्तियों में आरक्षण नियमों का कड़ाई से पालन होगा, CM योगी ने जारी किया सख्त शासनादेश

उत्तर प्रदेश की सरकारी नौकरियों में आरक्षण को लेकर उठ रहे सवालों और विवादों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है।

यूपी में सरकारी भर्तियों में आरक्षण नियमों का कड़ाई से पालन होगा, CM योगी ने जारी किया सख्त शासनादेश

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सरकारी नौकरियों में आरक्षण को लेकर उठ रहे सवालों और विवादों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। सीएम के निर्देश पर नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग ने एक विस्तृत शासनादेश जारी कर सभी विभागों को आरक्षण नियमों का 100% और कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि किसी भी भर्ती में आरक्षण की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

प्रमुख सचिव ने सभी बड़े अफसरों को भेजी चिट्ठी

सीएम योगी के निर्देश पर प्रमुख सचिव (नियुक्ति एवं कार्मिक) एम. देवराज ने शासन के सभी अपर मुख्य सचिवों (Additional Chief Secretaries), प्रमुख सचिवों और सचिवों को यह आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि सीधी भर्तियों में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए तय आरक्षण का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।

किन नियमों का हवाला दिया गया?

शासनादेश में पुराने अधिनियमों का हवाला देते हुए स्थिति स्पष्ट की गई है:

  • SC/ST/OBC: 'उत्तर प्रदेश लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण) अधिनियम-1994' के तहत व्यवस्था लागू होगी।
  • EWS: 'उत्तर प्रदेश लोक सेवा (आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण) अधिनियम-2020' का पालन होगा।
  • क्षैतिज आरक्षण (Horizontal Reservation): दिव्यांगजन, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों और पूर्व सैनिकों के लिए 1993 के अधिनियम और महिलाओं के लिए समय-समय पर जारी शासनादेशों के तहत आरक्षण दिया जाएगा।

क्यों पड़ी इस आदेश की जरूरत?

हाल ही में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा निकाली गई लेखपाल भर्ती (7,994 पद) को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। विपक्ष और कई संगठनों ने आरोप लगाया था कि ओबीसी वर्ग को उनके कोटे (27%) के हिसाब से सीटें नहीं मिलीं। इन शिकायतों का संज्ञान लेते हुए सीएम योगी ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद आयोग को संशोधित विज्ञापन जारी करना पड़ा। भविष्य में ऐसी गड़बड़ी न हो, इसके लिए अब यह 'जनरल ऑर्डर' जारी किया गया है।

तय सीमा में मिलेगा हक

आदेश के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में आरक्षण की स्थिति इस प्रकार लागू होगी:

  • SC: 21%
  • ST: 2%
  • OBC: 27%
  • EWS: 10%

सरकार का यह कदम भर्तियों में पारदर्शिता लाने और कानूनी पचड़ों से बचने की कवायद माना जा रहा है।

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