होम यूपी में सरकारी भर्तियों में आरक्षण नियमों का कड़ाई से पालन होगा, CM योगी ने जारी किया सख्त शासनादेश
उत्तर प्रदेश की सरकारी नौकरियों में आरक्षण को लेकर उठ रहे सवालों और विवादों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सरकारी नौकरियों में आरक्षण को लेकर उठ रहे सवालों और विवादों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। सीएम के निर्देश पर नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग ने एक विस्तृत शासनादेश जारी कर सभी विभागों को आरक्षण नियमों का 100% और कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि किसी भी भर्ती में आरक्षण की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीएम योगी के निर्देश पर प्रमुख सचिव (नियुक्ति एवं कार्मिक) एम. देवराज ने शासन के सभी अपर मुख्य सचिवों (Additional Chief Secretaries), प्रमुख सचिवों और सचिवों को यह आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि सीधी भर्तियों में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए तय आरक्षण का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
शासनादेश में पुराने अधिनियमों का हवाला देते हुए स्थिति स्पष्ट की गई है:
हाल ही में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा निकाली गई लेखपाल भर्ती (7,994 पद) को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। विपक्ष और कई संगठनों ने आरोप लगाया था कि ओबीसी वर्ग को उनके कोटे (27%) के हिसाब से सीटें नहीं मिलीं। इन शिकायतों का संज्ञान लेते हुए सीएम योगी ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद आयोग को संशोधित विज्ञापन जारी करना पड़ा। भविष्य में ऐसी गड़बड़ी न हो, इसके लिए अब यह 'जनरल ऑर्डर' जारी किया गया है।
आदेश के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में आरक्षण की स्थिति इस प्रकार लागू होगी:
सरकार का यह कदम भर्तियों में पारदर्शिता लाने और कानूनी पचड़ों से बचने की कवायद माना जा रहा है।
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