होम मुंबई मेयर चुनाव- राज ठाकरे ने उद्धव के सामने रखी बड़ी शर्त, मांग ली यह खास कुर्सी, क्या बचेगी दोस्ती?
मुंबई महानगरपालिका (BMC) में अगला मेयर कौन बनेगा, इस पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं. आंकड़ों के लिहाज से देखें तो फिलहाल भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना का पलड़ा भारी है.
मुंबई महानगरपालिका (BMC) में अगला मेयर कौन बनेगा, इस पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं. आंकड़ों के लिहाज से देखें तो फिलहाल भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना का पलड़ा भारी है. लेकिन इस सियासी घमासान के बीच राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने उद्धव ठाकरे गुट के सामने एक नई और बड़ी डिमांड रख दी है. मनसे ने मांग की है कि बीएमसी में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के कोटे से एक 'स्वीकृत नगरसेवक' का पद उन्हें दिया जाए.
क्या है स्वीकृत नगरसेवक का गणित?
बीएमसी के नियमों के मुताबिक, किसी भी पार्टी को एक स्वीकृत नगरसेवक (Nominated Councilor) नियुक्त करने के लिए करीब 22.7 निर्वाचित नगरसेवकों के संख्याबल की जरूरत होती है. इस चुनाव में उद्धव ठाकरे गुट के 65 नगरसेवक जीते हैं. इस गणित के हिसाब से ठाकरे गुट अपने कोटे से तीन स्वीकृत नगरसेवक नियुक्त करने का अधिकार रखता है. अब मनसे की नजर इन्हीं तीन सीटों में से एक पर है.
गठबंधन धर्म और 'त्याग' का वास्ता
मनसे का तर्क है कि बीएमसी चुनाव में दोनों पार्टियों ने गठबंधन में चुनाव लड़ा था. इस दौरान राज ठाकरे ने बड़ा दिल दिखाते हुए अपनी मजबूत मानी जाने वाली सीटें भी ठाकरे गुट के लिए छोड़ दी थीं. उद्धव गुट ने 163 सीटों पर चुनाव लड़ा, जबकि मनसे ने सिर्फ 53 सीटों पर संतोष किया. राज ठाकरे और अमित ठाकरे ने उद्धव के उम्मीदवारों के लिए जमकर प्रचार भी किया था. इसी 'त्याग' और मदद के बदले अब मनसे चाहती है कि उद्धव ठाकरे भी उदारता दिखाएं और एक स्वीकृत पद उन्हें दें.
यशवंत किल्लेदार ने समझाया पूरा समीकरण
मनसे के गुटनेता और नगरसेवक यशवंत किल्लेदार ने इस मांग को लेकर स्थिति स्पष्ट की है. उन्होंने कहा कि मुंबई महानगरपालिका में कुल 10 स्वीकृत नगरसेवक होते हैं. संख्याबल के हिसाब से भाजपा और शिंदे गुट को मिलकर 6 पद मिलेंगे. शिवसेना (उद्धव गुट) को 3 और कांग्रेस को 1 पद मिलेगा.
यशवंत किल्लेदार ने कहा, "एमआईएम और MNS के पास पर्याप्त संख्याबल नहीं होने के कारण सीधे स्वीकृत नगरसेवक मिलने का सवाल नहीं है. लेकिन उद्धव ठाकरे के पक्ष को मिलने वाले तीन स्वीकृत नगरसेवकों में से एक पद MNS को मिलना चाहिए, ऐसी भावना पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की है."
बीएमसी में अब किसके पास कितनी ताकत?
चुनाव नतीजों के बाद मुंबई महानगरपालिका में पार्टियों की स्थिति इस प्रकार है:
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