होम हम अकेले लड़े हैं और अकेले लड़ेंगे, ममता बनर्जी ने कांग्रेस गठबंधन पर तोड़ी चुप्पी
पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों की आहट के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार (3 फरवरी 2026) को दो टूक लहजे में अपनी सियासी रणनीति साफ कर दी है.
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों की आहट के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार (3 फरवरी 2026) को दो टूक लहजे में अपनी सियासी रणनीति साफ कर दी है. एक तरफ उन्होंने कांग्रेस के साथ गठबंधन की संभावनाओं को लगभग खारिज कर दिया, तो दूसरी तरफ 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) के मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग (Impeachment) लाने तक की बात कह दी.
कांग्रेस से गठबंधन? ममता बोलीं- 'इतिहास गवाह है'
क्या बंगाल में टीएमसी और कांग्रेस साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे? इस सवाल पर ममता बनर्जी ने बेहद तल्ख और साफ संकेत दिए. उन्होंने कहा, "बंगाल में यह इतिहास रहा है कि सब हमेशा हमारे खिलाफ चुनाव लड़ते रहे हैं और हम अकेले लड़ते रहे हैं." ममता के इस बयान को कांग्रेस के लिए 'नो एंट्री' का बोर्ड माना जा रहा है.
CEC पर वार: 'रिकॉर्ड के लिए लाएंगे महाभियोग'
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर ममता बनर्जी चुनाव आयोग पर भड़क गईं. उन्होंने CEC ज्ञानेश कुमार को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा:
SIR पर सवाल: '58 लाख नाम काट दिए, जिंदा को मुर्दा बना दिया'
ममता बनर्जी ने राज्य में चल रही SIR प्रक्रिया को बीजेपी की साजिश करार दिया. उन्होंने सनसनीखेज आंकड़े पेश किए:
'हिम्मत है तो EC के पीछे मत छिपिए'
बीजेपी को ललकारते हुए ममता ने कहा कि हरियाणा और महाराष्ट्र की तरह यहां चुनाव आयोग का इस्तेमाल न करें. उन्होंने कहा कि बंगाल में बंगाली बोलने वालों को 'बांग्लादेशी' कहा जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
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