होम सर्वदलीय बैठक में TMC के बागी सांसदों को बुलाने पर विवाद, विपक्ष ने किया प्रतीकात्मक वॉकआउट

समाचारदेशराजनीति Alert Star Digital Team Jul 19, 2026 04:48 PM

सर्वदलीय बैठक में TMC के बागी सांसदों को बुलाने पर विवाद, विपक्ष ने किया प्रतीकात्मक वॉकआउट

संसद के मानसून सत्र से पहले आयोजित सर्वदलीय बैठक में उस समय माहौल गरमा गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों को भी बैठक का निमंत्रण दिए जाने का मुद्दा उठ गया।

सर्वदलीय बैठक में TMC के बागी सांसदों को बुलाने पर विवाद, विपक्ष ने किया प्रतीकात्मक वॉकआउट

संसद के मानसून सत्र से पहले आयोजित सर्वदलीय बैठक में उस समय माहौल गरमा गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों को भी बैठक का निमंत्रण दिए जाने का मुद्दा उठ गया। इस फैसले का कई विपक्षी दलों ने विरोध किया और इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताते हुए बैठक से प्रतीकात्मक वॉकआउट कर दिया। हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद विपक्षी नेता दोबारा बैठक में शामिल हो गए।

TMC ने बागी सांसदों को बुलाने पर उठाए सवाल

बैठक के बाद समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि टीएमसी नेताओं ने इस बात पर आपत्ति जताई कि पार्टी के अधिकृत सांसदों से पहले बागी सांसदों की सूची क्यों दिखाई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का यह कदम लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं है और इससे गलत संदेश जाता है।

महुआ मोइत्रा ने सरकार पर साधा निशाना

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भी सरकार के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जो सांसद पार्टी छोड़ चुके हैं, उन्हें सर्वदलीय बैठक में आमंत्रित करना उचित नहीं है। उनके अनुसार, इस तरह की प्रक्रिया संसदीय परंपराओं के विपरीत है और इससे गलत मिसाल कायम होगी।

कांग्रेस, सपा समेत कई दलों ने किया प्रतीकात्मक वॉकआउट

विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव, एनसीपी (शरद पवार गुट) की सुप्रिया सुले और टीएमसी की महुआ मोइत्रा सहित कई विपक्षी नेता बैठक से बाहर निकल गए। विपक्ष ने इसे प्रतीकात्मक वॉकआउट बताया।

बैठक से बाहर आने के बाद विपक्षी नेताओं ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार की आलोचना की और टीएमसी के बागी सांसदों को बुलाने के फैसले पर सवाल उठाए। इसके बाद सभी विपक्षी नेता दोबारा सर्वदलीय बैठक में लौट गए।

विपक्ष ने गैर-मान्यता प्राप्त दल को बुलाने पर भी उठाए सवाल

महुआ मोइत्रा ने कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, जेएमएम, आम आदमी पार्टी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, वाम दलों और शिवसेना (यूबीटी) समेत पूरे विपक्ष ने इस मुद्दे पर एकजुट होकर प्रतीकात्मक वॉकआउट किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि गैर-मान्यता प्राप्त NCPI को बैठक में आमंत्रित किया गया, जबकि उसके 20 बागी सांसदों के विलय को अभी तक लोकसभा अध्यक्ष की मंजूरी नहीं मिली है और उनकी अयोग्यता से जुड़ी याचिकाएं भी लंबित हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि संसदीय कार्य मंत्री ने इन सांसदों को किस आधार पर बैठक में बुलाया।

जेएमएम ने परिसीमन और महिला आरक्षण पर भी जताई चिंता

जेएमएम की राज्यसभा सांसद महुआ माझी ने आरोप लगाया कि बीजेपी लगातार अन्य दलों के सांसदों को अपने पक्ष में लाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष महिला आरक्षण का समर्थन करता है, लेकिन सरकार ने इसे परिसीमन (Delimitation) से जोड़ दिया है।

उन्होंने आशंका जताई कि यदि 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन किया गया तो झारखंड में अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित सीटों की संख्या कम हो सकती है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार सीटें कम नहीं होने का भरोसा देती है और विपक्ष सहमत होता है, तो उनकी पार्टी अपने रुख पर विचार कर सकती है।

किरेन रिजिजू ने संसद सुचारु रूप से चलाने की अपील की

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र को लेकर सभी राजनीतिक दलों की बैठक बुलाई गई थी। उन्होंने सभी दलों से संसद की कार्यवाही शांतिपूर्ण और सुचारु रूप से चलाने में सहयोग देने की अपील की।

रिजिजू ने कहा कि सरकार विपक्ष के सुझावों को सुनेगी और उम्मीद करती है कि विपक्ष भी सरकार के पक्ष को समझेगा। उनके अनुसार, संसद जितनी बेहतर तरीके से चलेगी, उसका लाभ पूरे देश को मिलेगा।

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Read More Articles

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)