होम Divya Deshmukh: पांच साल की उम्र में शतरंज की बिसात संभालने वाली दिव्या ने रचा इतिहास, महिला विश्व कप की बनीं चैंपियन
भारत की उभरती हुई शतरंज सितारा दिव्या देशमुख ने महिला शतरंज विश्व कप जीतकर एक नया इतिहास रच दिया है। ग्रैंडमास्टर कोनेरू हम्पी को हराकर दिव्या ने फाइनल मुकाबले में शानदार जीत दर्ज की। खास बात यह रही कि उन्होंने काले मोहरों से खेलते हुए यह बाजी मारी।
नई दिल्ली। भारत की उभरती हुई शतरंज सितारा दिव्या देशमुख ने महिला शतरंज विश्व कप जीतकर एक नया इतिहास रच दिया है। ग्रैंडमास्टर कोनेरू हम्पी को हराकर दिव्या ने फाइनल मुकाबले में शानदार जीत दर्ज की। खास बात यह रही कि उन्होंने काले मोहरों से खेलते हुए यह बाजी मारी। हम्पी के पास वापसी का एक मौका था, लेकिन वह उसे भुना नहीं सकीं और दिव्या ने जीत पक्की कर ली।
दिव्या ने इसके बाद अंडर-10 (डरबन, 2014) और अंडर-12 (ब्राजील, 2017) विश्व युवा खिताब भी अपने नाम किए। छोटी उम्र में ही दिव्या ने दिखा दिया कि वह शतरंज की दुनिया की अगली बड़ी उम्मीद हैं।
दिव्या चेन्नई के प्रसिद्ध शतरंज गुरुकुल में ग्रैंडमास्टर आर.बी. रमेश से प्रशिक्षण लेती हैं। उन्हें उनकी:
के लिए खूब सराहा जाता है। उनके मैचों में ठहराव के साथ-साथ आक्रामकता की झलक मिलती है, जो उन्हें एक परिपक्व खिलाड़ी बनाता है।
दिव्या देशमुख अब न केवल भारत की, बल्कि दुनिया की प्रमुख महिला शतरंज खिलाड़ियों में गिनी जाती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनके खेल की प्रशंसा कर चुके हैं। उनके शानदार प्रदर्शन से भारत को एक और विश्व चैंपियन की उम्मीद मिल गई है।
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