होम Bihar Politics: लालू यादव ने सेट किया चुनावी समीकरण, RJD की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में यादव-मुस्लिम के साथ अति पिछड़ा और सवर्णों को भी मिली अहम जगह
लोकसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति की घोषणा कर दी है, जिसमें सामाजिक संतुलन और वफादार नेताओं को प्राथमिकता दी गई है।
पटना। लोकसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति की घोषणा कर दी है, जिसमें सामाजिक संतुलन और वफादार नेताओं को प्राथमिकता दी गई है। लालू प्रसाद यादव ने एक बार फिर अपने कोर वोट बैंक — यादव और मुस्लिम समुदाय — को साधने के साथ-साथ महिलाओं, अति पिछड़े वर्गों और सवर्णों को भी प्रतिनिधित्व देकर 2025 की तैयारियों का संकेत दे दिया है।
घोषित कार्यकारिणी में कुल 28 सदस्यों को शामिल किया गया है, जिनमें से अधिकांश बिहार से हैं। इस लिस्ट में केवल दो ही चेहरे नए हैं — पूर्व मंत्री रेणु कुशवाहा और उनके पति विजय वर्मा। जबकि शेष सभी पुराने वफादार नेता हैं।
अनुभव, निष्ठा और लालू परिवार के प्रति समर्पण को प्राथमिकता दी गई है।
RJD ने इस सूची में विभिन्न जातीय और सामाजिक वर्गों को संविधानिक संतुलन के साथ प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है:
| जाति वर्ग | पदों की संख्या |
|---|---|
| यादव | 07 |
| अनुसूचित जाति | 05 |
| मुस्लिम | 03 |
| सर्वाधिक पिछड़ा वर्ग | 03 |
| कुशवाहा | 02 |
| ईसाई | 02 |
| राजपूत | 02 |
| जनजातीय | 02 |
| भूमिहार | 01 |
| कुर्मी | 01 |
समिति में 5 चेहरे बिहार के बाहर से भी शामिल किए गए हैं:
लालू परिवार के बाद RJD में अब जगदानंद सिंह का परिवार भी प्रभावशाली होता दिख रहा है। उनके बेटे सुधाकर सिंह को किसान प्रकोष्ठ का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है।
राष्ट्रीय परिषद की बैठक में तेजस्वी यादव की भूमिका भी अहम रही, जहां उन्होंने जगदानंद सिंह को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने की पैरवी की थी। यह साफ संकेत है कि तेजस्वी पार्टी में नेतृत्व को मजबूत करने के साथ संगठन की नई दिशा भी तय कर रहे हैं।
RJD की यह नई कार्यकारिणी सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश के साथ साथ राजनीतिक संदेश भी है कि पार्टी जमीनी स्तर पर मजबूत हो रही है और चुनाव से पहले संगठन को पूरी तरह सक्रिय करना चाहती है।
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