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2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने खूब किया था कैश इस्तेमाल, आयकर विभाग के पास हैं सबूत
लोकसभा चुनाव 2024 से पहले इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की कार्रवाई के चलते कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। आयकर विभाग द्वारा लगाए गए करीब 200 करोड़ रुपए के जुर्माने से पार्टी उभरी भी नहीं थी कि उसे 1800 करोड़ रुपए का नोटिस थमा दिया गया है।इस बीच सूत्रों से ऐसी जानकारी मिली है कि इनकम टैक्स विभाग के अधिकारियों के पास कांग्रेस के खिलाफ कर चोरी के ठोस सबूत हैं। आयकर विभाग ने अप्रैल 2019 में तलाशी के दौरान जब्त किए गए सबूतों के आधार पर पाया है कि कांग्रेस ने 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान अत्यधिक नकदी का इस्तेमाल किया।कांग्रेस ने आयकर विभाग के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की थी। इसमें 2013-14 से 2019-20 के लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा की गई पुनर्मूल्यांकन कार्यवाही को चुनौती दी गई थी। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने आयकर विभाग द्वारा दी गई उस जानकारी पर गौर किया, जिसमें बताया गया था कि कांग्रेस द्वारा पिछले कई चुनावों में बड़ी मात्रा में नकद पैसे का लेनदेन किया गया है।
कांग्रेस को कोर्ट से नहीं मिली थी राहत
अपने पहले के आदेश में हाईकोर्ट ने माना था कि आयकर विभाग के पास आईटी अधिनियम के तहत जांच के लिए पर्याप्त और ठोस सबूत हैं। कोर्ट ने पाया था कि कांग्रेस यह बता नहीं पाई कि आयकर विभाग द्वारा दी गई जानकारी में सच्चाई नहीं है। कोर्ट ने कहा कि 520 करोड़ रुपए मूल्यांकन से बच गए होंगे। मूल्यांकन 31 मार्च तक पूरा किया जाना था। कांग्रेस ने मूल्यांकन कार्यवाही पूरी करने की समय सीमा से कुछ दिन पहले ही कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इसके चलते कोर्ट ने आयकर विभाग द्वारा की जा रही मूल्यांकन कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।
कांग्रेस को दिए गए सबूत
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आयकर विभाग के पास उपलब्ध सबूत कांग्रेस को दे दिए गए हैं। कांग्रेस को जवाब देने के लिए कई मौके दिए गए। कांग्रेस द्वारा दायर जवाबों पर विचार करने के बाद आयकर विभाग ने अब 7 साल का मूल्यांकन पूरा कर लिया है। आकलन वर्ष 2018-19 में कांग्रेस ने धारा 13A की शर्तों का उल्लंघन किया जिसके कारण छूट वापस ले ली गई।
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