होम CM योगी का बड़ा फैसला! लाखों वाहन मालिकों की बल्ले-बल्ले, जुर्माना माफ और टैक्स में 35% तक छूट
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने कमर्शियल वाहन मालिकों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। राज्य सरकार ने बकाया वाहन कर और जुर्माने के निस्तारण के लिए एकमुश्त समाधान योजना (OTS) को मंजूरी दे दी है।
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने कमर्शियल वाहन मालिकों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। राज्य सरकार ने बकाया वाहन कर और जुर्माने के निस्तारण के लिए एकमुश्त समाधान योजना (OTS) को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत पहली बार न केवल जुर्माना पूरी तरह माफ किया जाएगा, बल्कि मूल बकाया कर में भी 35 प्रतिशत तक की छूट प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। सरकार के इस फैसले से लाखों वाहन मालिकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे कमर्शियल वाहन हैं जिन पर टैक्स बकाया है। सरकार का अनुमान है कि नई ओटीएस योजना से 8.48 लाख से अधिक बकायेदार वाहन मालिकों को सीधा लाभ मिलेगा।
योजना का उद्देश्य लंबे समय से लंबित कर मामलों का निपटारा करना और वाहन मालिकों को आर्थिक राहत प्रदान करना है। इसके साथ ही सरकार को भी रुका हुआ राजस्व प्राप्त हो सकेगा।
अब तक परिवहन विभाग की ओटीएस योजनाओं में केवल पेनल्टी या जुर्माने में राहत दी जाती थी। लेकिन इस बार सरकार ने एक कदम आगे बढ़ते हुए मूल कर में भी छूट देने का फैसला किया है।
योजना के तहत वाहन मालिकों को बकाया मूल कर पर 35 प्रतिशत तक की राहत मिलेगी, जबकि देरी से भुगतान पर लगाए गए जुर्माने को पूरी तरह माफ किया जाएगा। इससे वाहन मालिकों को अपने पुराने बकाए निपटाने में काफी आसानी होगी।
सरकार की ओर से अधिसूचना जारी होने के बाद यह योजना दो महीने तक लागू रहेगी। इस दौरान पात्र वाहन मालिक अपने बकाया कर का भुगतान कर योजना का लाभ उठा सकेंगे।
अधिकारियों को उम्मीद है कि इस विशेष छूट के चलते बड़ी संख्या में लोग स्वेच्छा से अपने लंबित कर जमा करेंगे।
परिवहन विभाग के अनुसार, प्रदेश में 7.5 टन तक के हल्के व्यवसायिक वाहनों की संख्या लगभग 29.15 लाख है। इनमें से 8.48 लाख वाहनों पर टैक्स बकाया है।
विभाग के आंकड़ों के मुताबिक कुल बकाया राशि करीब 1852.96 करोड़ रुपये है। इसमें 1073.47 करोड़ रुपये मूल कर के रूप में और लगभग 779.50 करोड़ रुपये जुर्माने के रूप में शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना से जहां वाहन मालिकों को राहत मिलेगी, वहीं सरकार को भी बड़ी मात्रा में लंबित राजस्व प्राप्त हो सकेगा।
परिवहन विभाग ने इस योजना की तुलना पिछले वर्ष ऊर्जा विभाग द्वारा लागू की गई बिजली बिल राहत योजना से की है। उस योजना में भी सरचार्ज, ब्याज और दंड में छूट दी गई थी, जिसके बाद बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने अपने लंबित भुगतान का निपटारा किया था।
अधिकारियों का कहना है कि नई ओटीएस योजना से कर विवादों के समाधान में तेजी आएगी। इससे विभागीय प्रक्रियाओं का बोझ भी कम होगा और वाहन मालिक बिना अतिरिक्त आर्थिक दबाव के अपने बकाए का निस्तारण कर सकेंगे।
सरकार को उम्मीद है कि यह योजना परिवहन क्षेत्र में कर अनुपालन बढ़ाने के साथ-साथ राजस्व संग्रह को भी मजबूत करेगी।
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