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PM मोदी की बांग्लादेश यात्रा से पहले 2020 का गांधी शांति पुरस्कार बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान को
ई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के बांग्लादेश दौरे से पहले केंद्र सरकार ने वर्ष 2020 के लिए गांधी शांति पुरस्कार बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान (Sheikh Mujibur Rahman) को देने का ऐलान किया है. संस्कृति मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी. मंत्रालय ने बताया कि वर्ष 2019 का गांधी शांति पुरस्कार भारत के साथ संबंधों को मजबूत करने और खाड़ी क्षेत्र में शांति और अहिंसा को बढ़ावा देने के उनके प्रयासों को मान्यता देने के लिए ओमान के (दिवंगत) सुल्तान काबूस बिन सैद अल सैद (Qaboos bin Said) को प्रदान किया जा रहा है. गांधी शांति पुरस्कार (Gandhi Peace Prize 2020), वर्ष 1995 में महात्मा गांधी की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में भारत सरकार द्वारा स्थापित किया गया एक वार्षिक पुरस्कार है. यह पुरस्कार राष्ट्रीयता, नस्ल, भाषा, जाति, पंथ से परे उत्कृष्ट सेवाओं के लिए दिया जाता है. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 और 27 मार्च को बांग्लादेश के दौरे पर रहेंगे.
गांधी शांति पुरस्कार से संबंधित जूरी की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की और भारत के प्रधान न्यायाधीश एवं लोकसभा में सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता इसके दो पदेन सदस्य होते हैं. दो अन्य प्रतिष्ठित सदस्य- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला एवं सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गनाइजेशन के संस्थापक बिंदेश्वर पाठक - भी इस जूरी का हिस्सा हैं. आधिकारिक बयान के अनुसार इस जूरी की 19 मार्च, 2021 को हुई एक बैठक में उपयुक्त विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से इस पुरस्कार के लिए बांग्लादेश के राष्ट्रपिता शेख मुजीबुर रहमान और ओमान के लंबे समय तक शासक रहे सुल्तान काबूस को चुने जाने का निर्णय लिया गया.
मोदी ने कहा कि बंगबंधु मानवाधिकारों और स्वतंत्रता के हिमायती थे, और वह भारतीयों के लिए एक नायक भी थे. उन्होंने कहा कि बंगबंधु की प्रेरणा ने दोनों देशों की विरासत को अधिक व्यापक और गहन बनाया है, और बंगबंधु द्वारा दिखाए गए मार्ग ने पिछले एक दशक में दोनों देशों की साझेदारी, प्रगति और समृद्धि की मजबूत नींव रखी है. मंत्रालय ने कहा कि गांधी शांति पुरस्कार भारत और ओमान के बीच पारस्परिक संबंधों को मजबूत करने और खाड़ी क्षेत्र में शांति एवं अहिंसा के प्रयासों को बढ़ावा देने में दिवंगत सुल्तान काबूस बिन सैद के अद्वितीय दृष्टिकोण एवं नेतृत्व क्षमता को रेखांकित करता है.
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