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चीन साइबर हमला: केंद्र ने कहा- भारत की बिजली आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ा
ई दिल्ली. केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय (Power Ministry) के सूत्रों ने सोमवार को कहा कि चीन (China) के हैकर्स ने भले ही भारत में बिजली कटौती का प्रयास किया लेकिन वह ऐसा करने में नहीं हो सके. मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि 19 नवंबर को, एक भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERTIN) को एक ईमेल मिला, जिसमें पावर सिस्टम ऑपरेशन कोऑपरेशन (POSOCO) के कुछ नियंत्रण केंद्रों पर शैडो पैड नामक मैलवेयर के खतरे के बारे में बात की गई थी.
12 अक्टूबर, 2020 को मुंबई में ग्रिड की खराबी के कारण बड़े पैमाने पर बिजली की कटौती हुई, ट्रेनों को पटरियों पर रोक दिया गया, जिससे कोविड-19 महामारी के बीच घर से काम करने वालों को बाधा पहुंची और आर्थिक गतिविधियों को रोकना पड़ा. एक चीनी सरकार से जुड़े हैकर्स के समूह ने भारत के महत्वपूर्ण पावर ग्रिड सिस्टम को मैलवेयर के माध्यम से लक्षित किया, जिसके बारे में मैसाचुसेट्स स्थित कंपनी रिकॉर्डेड फ्यूचर ने अपने नवीनतम अध्ययन में बताया था. रिकॉर्डेड फ्यूचर, जो स्टेट एकटर्स द्वारा इंटरनेट के उपयोग का अध्ययन करता है, ने अपनी हालिया रिपोर्ट में चीन से जुड़े खतरे गतिविधि समूह रेड इको द्वारा भारतीय बिजली क्षेत्र को लक्षित करने वाले अभियान के बारे में बताया गया है.
पोस्को (POSOCO) एक सरकारी स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है जो विश्वसनीय, कुशल और सुरक्षित तरीके से पावर ग्रिड के एकीकृत संचालन को सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार है.
ऊर्जा मंत्रालय के अधिकारियों द्वारा किए गए आकलन के अनुसार, चीनी कंपनी रेड इको से साइबर खतरे का कोई प्रभाव नहीं था. मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा 'पोस्को द्वारा बताए गए खतरे के कारण किए गए कार्यों में से किसी पर कोई प्रभाव नहीं है. इन घटनाओं के कारण कोई डेटा उल्लंघन या डेटा के नुकसान का पता नहीं चला है.'
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