होम MSP पर बुरा असर डालेगा नया कृषि कानून, मंडी सिस्टम होगा कमजोर- शरद पवार
MSP पर बुरा असर डालेगा नया कृषि कानून, मंडी सिस्टम होगा कमजोर- शरद पवार
केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों (Farm Law) पर चिंता प्रकट करते हुए राकांपा प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) ने शनिवार को कहा कि ये तीन कानून न्यूनतम समर्थन मूल्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालेंगे और मंडी प्रमाणी को कमजोर कर देंगे. पवार ने कहा कि वह पीएम मोदी के साथ डिजिटल माध्यम से सर्वदलीय बैठक में शामिल हुए. बैठक में संसद के बजट सत्र के लिए प्रस्तावित एजेंडा से जुड़े विषयों, किसान आंदोलन, महिला आरक्षण विधेयक और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई.
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख ने कहा कि नए कृषि कानून MSP पर फसल खरीद करने के ढांचे को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करेंगे, जिससे मंडी प्रणाली कमजोर हो जाएगी. उन्होंने MSP को सुनिश्चित करने और इस व्यवस्था को कहीं अधिक मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया.
शरद पवार ने ट्वीट कर कहा, “सुधार एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है और एपीएमसी या मंडी प्रणाली में सुधारों के खिलाफ कोई भी व्यक्ति दलील नहीं देगा, लेकिन इस पर एक सकारात्मक बहस का यह मतलब नहीं है कि यह प्रणाली को कमजोर या खत्म करेगा.”
उन्होंने कहा कि, “मेरे कार्यकाल के दौरान, विशेष बाजार स्थापित करने के लिए मसौदा एपीएमसी नियमावली-2007 तैयार की गई थी, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए वैकल्पिक मंच उपलब्ध कराया जा सके और मौजूदा मंडी प्रणाली को मजबूत करने के लिए भी अत्यधिक सावधानी बरती गई थी.”
स्टॉक कर सकते हैं कॉरपोरेट घराने
पवार ने कहा कि संशोधित आवश्यक्त वस्तु अधिनियम को लेकर भी चिंतित हैं. उन्होंने कहा, “अधिनियम के मुताबिक, यदि बागवानी उत्पाद की दरों में 100 प्रतिशत तक की वृद्धि हो जाती है और न सड़ने गलने वाली वस्तुओं की कीमतें 50 प्रतिशत तक बढ़ जाती है, तो इस सूरत में ही सरकार मूल्य नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप करेगी.”
पवार ने ट्वीट कर कहा, “भंडारण करने की सीमा अनाज, दाल, प्याज, आलू तिलहन आदि पर हटा दी गई है. इससे यह आशंका पैदा हो सकती है कि कॉरपोरेट घराने वस्तुओं को कम कीमत पर खरीद सकते हैं और उसका भंडारण कर उसे उपभोक्ताओं को ज्यादा कीमत पर बेचेंगे.”
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