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मौत के बाद रद्द हुआ मोतीलाल वोरा पर चल रहा नेशनल हेराल्ड मामला
दिल्ली की एक अदालत ने नेशनल हेराल्ड केस में मोतीलाल वोरा (Motilal Vora) के निधन के कारण से उन पर चल रही आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया है. अदालत में आरोपी पक्ष के वकील तरन्नुम चीमा ने वोरा के मृत्यु प्रमाण पत्र को दिखाते हुए अदालत से उनके खिलाफ कार्यवाही निरस्त करने का अनुरोध किया था. इसके बाद अदालत ने वकील की दलीलों को स्वीकार किया और मोतीलाल वोरा के खिलाफ चल रहे आपराधिक मामले को निरस्त कर दिया. अदालत में वकील तरन्नुम चीमा ने बताया था कि कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा की 21 दिसंबर 2020 को मृत्यु हो गई थी.
बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने मोतीलाल वोरा, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य के खिलाफ नेशनल हेराल्ड केस में केस दर्ज कराया था. अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट सचिन गुप्ता ने अपने आदेश में कहा, “दाखिल रिपोर्ट को देखते हुए यह अदालत मोतीलाल वोरा के खिलाफ चल रहे आपराधिक कार्यवाही को निरस्त करने का फैसला लेती है.” बाकी बचे लोगों के खिलाफ अदालत 11 फरवरी को सुनवाई करेगी.
आपको बता दें गांधी परिवार के प्रति हमेशा वफादार रहे दिग्गज कांग्रेस नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा का 21 दिसंबर को दोपहर में निधन हो गया था. एक दिन पहले उन्होंने अपना 93वां जन्मदिन मनाया था. वोरा ने दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में अंतिम सांस ली. हाई ब्लडप्रेशर के साथ सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद इस अस्पताल में उन्हें 19 दिसंबर को भर्ती कराया गया था.
उन्हें क्रिटिकल केयर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. समीर श्रीवास्तव के वार्ड में भर्ती कराया गया था. सोमवार की सुबह उन्हें हाइपोटेंशन और हाइपोक्सिमिया संबंधी तकलीफ हुई थी. उसके बाद उन्हें एक सेप्टिक शॉक का अनुभव हुआ और उन्हें 3.52 बजे मृत घोषित कर दिया गया.
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