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समाचारविदेश Alert Star Digital Team Jan 1, 2021 09:14 PM

किसान आंदोलन के बीच 800 से ज्यादा शिक्षाविदों ने किया कृषि कानूनों का समर्थन

किसान आंदोलन के बीच 800 से ज्यादा शिक्षाविदों ने किया कृषि कानूनों का समर्थन

किसान आंदोलन के बीच 800 से ज्यादा शिक्षाविदों ने किया कृषि कानूनों का समर्थन

नई दिल्ली. कृषि कानूनों (Farm Laws) के विरोध में दिल्ली बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन (Farmer Protest) जारी है. किसान संगठनों और केंद्र सरकार के बीच अब तक कई दौर की वार्ता हो चुकी है. हालांकि अब तक कोई नतीजा नहीं निकला है. इस बीच 800 से ज्यादा शिक्षाविदों ने सरकार को कृषि बिल पर अपना समर्थन दिया है. शिक्षाविदों का कहना है कि यह बिल किसानों की बेहतरी के लिए एक मिसाल साबित होगा.

शुक्रवार को शिक्षाविदों ने कहा कि भारत के नागरिक और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के सदस्यों के रूप में, हम केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित कृषि सुधार बिल, 2020 का पुरजोर समर्थन करते हैं. हम किसानों की आजीविका की रक्षा के लिए किसानों को सरकार के आश्वासन पर दृढ़ता से विश्वास करते हैं कि इस बिल से किसी भी किसान को कोई नुकसान नहीं होगा. केंद्र सरकार ने दिया किसानों को आश्वासन
इन दिनों कृषि कानूनों का मुख्य उद्देश्य कृषि व्यापार को सभी प्रतिबंधों से मुक्त करने और किसानों को प्रतिस्पर्धी कीमतों पर सभी लेन-देन के लिए सक्षम बनाना है. केंद्र सरकार ने किसानों को बार-बार आश्वासन दिया है कि फार्म व्यापार के ये तीनों बिल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को खत्म नहीं करेंगे, बल्कि सभी अवैध बाजार प्रतिबंधों से कृषि व्यापार को मुक्त करेंगे. 'मंडियों' से परे बाजार खोलेंगे और आगे सहायता करेंगे. ताकि छोटे और सीमांत किसान प्रतिस्पर्धी कीमतों पर अपनी उपज बेचने में सक्षम हों. नए कानून किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए पूर्ण स्वायत्तता प्रदान करते हैं.

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