होम जनता पर भरोसा है कि वह लोकतंत्र को न कमजोर होने देगी, न मरने देगी: अखिलेश
जनता पर भरोसा है कि वह लोकतंत्र को न कमजोर होने देगी, न मरने देगी: अखिलेश
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में सन् 2022 में लोकतंत्र की आखिरी लड़ाई लड़ी जानी है। जनता पर भरोसा है कि वह लोकतंत्र को न कमजोर होने देगी, न मरने देगी। सत्ता में खतरनाक लोग हैं। लोकतंत्र, सामाजिक सद्भाव और समाजवादी व्यवस्था से भाजपा का कोई वास्ता नहीं है। भाजपा की कुनीतियों से ऊबी जनता समाजवादी पार्टी की सरकार बनाना चाहती है। भाजपा अब सरकार में अपनी अनियमितताओं की जांच कराने के लिए तैयार रहे।
अखिलेश यादव आज किसानों के संघर्ष के समर्थन में शांतिपूर्ण धरने के दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज में घायल और जेल भेजे गए समाजवादी नेताओं-कार्यकर्ताओं के अभिनंदन के अवसर पर उन्हें सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर नेता विरोधी दल विधानसभा रामगोविन्द चौधरी, मुख्य प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी तथा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल उपस्थित थे।
14 दिसम्बर 2020 को संघर्षरत किसानों के समर्थन में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर जब समाजवादी लखनऊ में धरना दे रहे थे तब पुलिस ने भाजपा सरकार के इशारे पर पहले बर्बरता से लाठीचार्ज किया जिसमें कई घायल हो गए। पुलिस ने जबरन महिलाओं और दिव्यांगों की भी गिरफ्तारी की। 69 कार्यकर्ताओं को जेल भेज दिया। जेल यात्रियों के साथ जेल में अपमान जनक व्यवहार किया गया। समाजवादी पार्टी ने आज उनका सम्मान किया।
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी नेतृत्व ने आजादी की लड़ाई और आजाद भारत में भी जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरा और संघर्ष किया है। जेल यातना से समाजवादी झुकते नहीं है। पुलिस की बैरीकेडिंग और आंसू गैस, लाठीचार्ज से लोकतंत्र के कारवां को रोका नहीं जा सकता है। समाजवादी पार्टी का इतिहास अन्याय के विरूद्ध संघर्ष का रहा है। भाजपा ने अपने कृत्यों से लोकतंत्र का गला घोंटा है।
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